बंगाल में ‘जंगलराज’, ममता बनीं ‘मूकदर्शक’, पद से इस्तीफा दे देना चाहिए: भाजपा

नयी दिल्ली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल के संदेशखालि क्षेत्र में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के दावों पर विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की. पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘जंगलराज’ कायम है.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल में ‘पूर्ण अराजकता व्याप्त’ है और मुख्यमंत्री बनर्जी संदेशखालि में आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार और उनका शोषण करने वाले अपनी पार्टी के ‘गुंडों’ को संरक्षण दे रही हैं.

उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल में जंगलराज है. तृणमूल कांग्रेस के गुंडे महिलाओं का बलात्कार और शोषण कर रहे हैं…विशेष रूप से जनजातीय समुदाय की महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है. हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री मूकदर्शक बनी हुई हैं. बहुत ही चिंताजनक स्थिति है.” भाटिया ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

उन्होंने कहा, ”बनर्जी को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और अगर उनमें थोड़ी भी शिष्टता बची है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. तभी पीड़ितों को इंसाफ मिल सकेगा.” भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यदि आप इस्तीफा नहीं देती हैं, तो लोगों को कम मत आंकिए. आपको शासन से उखाड़ फेंका जाएगा, यह निश्चित है.” भाटिया ने कहा कि भाजपा यौन उत्पीड़न की पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और न्याय के लिए उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाएगी.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ”यह कहना गलत नहीं होगा… पश्चिम बंगाल सरकार बलात्कारियों को संरक्षण दे रही है और पुलिस को कमजोर कर रही है. एक महिला होने के नाते मुख्यमंत्री को पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े होना चाहिए था लेकिन वह गुंडों के साथ खड़ी हैं. संवैधानिक संस्थाएं अपना काम करें, यह सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है.” उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय को इसका संज्ञान लेना पड़ा और राज्य सरकार को नोटिस जारी करना पड़ा.

भाटिया ने आरोप लगाया कि ममता (बनर्जी) जनता की ‘भक्षक’ बन गई हैं.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी वहां गया था लेकिन उसे भी अपना काम करने नहीं दिया गया. भाटिया ने आरोप लगाया कि जिन महिलाओं का शोषण हुआ, उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

संदेशखालि में बुधवार को लगातार सातवें दिन विरोध प्रदर्शन जारी है. बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर हैं और तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां तथा उनके कथित ‘गिरोह’ की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं. शाहजहां और उनके सहयोगियों के खिलाफ जबरन जमीन पर कब्जा करने और महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने सहित कई आरोप हैं. पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय की टीम कथित राशन घोटाले में शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने गई थी जिस पर भीड़ ने हमला कर दिया था. वह पिछले महीने से फरार हैं.

प. बंगाल भाजपा प्रमुख कार के बोनट से गिरने से घायल, अस्पताल ले जाया गया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार उत्तर 24 परगना जिले में बुधवार को कार के बोनट पर खड़े होकर पत्रकारों को संबोधित करने के दौरान संतुलन बिगड़ने से गिर पड़े और चोटिल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी.

मजूमदार को जिला प्रशासन ने मंगलवार को अशांत संदेशखालि जाने से रोक दिया था. उन्हें बशीरहाट पुलिस जिला एसपी (पुलिस अधीक्षक) कार्यालय के सामने धरने के बाद देर रात टाकि में एक अतिथि गृह में रखा गया था. प्रदेश भाजपा प्रमुख ने बुधवार सुबह फिर से संदेशखालि जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें क्षेत्र से बाहर नहीं जाने दिया.

पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि राज्य की बालुरघाट लोकसभा सीट से सांसद मजूमदार कार के बोनट पर खड़े होकर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. तभी उनका पैर फिसल गया और वह गिर पड़े. यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा पर इचामती नदी के तट पर टाकि में हुई. पदाधिकारी ने कहा कि कार के विंडस्क्रीन पर पुलिस का स्टीकर चिपका हुआ था. उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्हें बशीरहाट उपमंडलीय अस्पताल ले जाया गया.

मजूमदार ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य पुलिस ने उन्हें अशांत संदेशखालि जाने से रोकने के लिए उनके लॉज की घेराबंदी कर दी है. संदेशखालि में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रति निष्ठा रखने वाले गुंडों द्वारा ग्रामीणों पर कथित अत्याचार को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

मजूमदार ने कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए दोपहर के बाद संदेशखालि जाना था. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”कल के प्रदर्शन के बाद मैंने टाकि में एक लॉज में रहने का फैसला किया ताकि यथाशीघ्र संदेशखालि जा सकूं. लेकिन सुबह से ही पुलिस ने मेरे लॉज के प्रवेश द्वार को बाधित कर दिया है और किसी को बाहर नहीं जाने दे रही है. ” मजूमदार ने दावा किया कि उन्हें ‘नजरबंद कर दिया गया है.” हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है. लॉज के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की दंगारोधी उपकरणों और साजो सामान के साथ तैनाती देखी गई है. संदेशखालि, टाकि से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ”माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है.” घोष ने कहा, ”आरोप निराधार हैं. भाजपा इलाके का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है. वे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ना चाहते हैं.”

संदेशखालि में बुधवार को लगातार सातवें दिन विरोध प्रदर्शन जारी है. बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर हैं और तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां और उनके कथित ‘गिरोह’ की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं. शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ जमीन पर जबरन कब्जा करने और महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने सहित कई आरोप हैं. पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय की टीम कथित राशन घोटाले में शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने गई थी जिस पर भीड़ ने हमला कर दिया था. वह पिछले महीने से फरार हैं.

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