जूनियर हॉकी विश्व कप: जर्मन दीवार को नहीं भेद सकी भारतीय टीम, कांस्य के लिये अर्जेंटीना से खेलेगी

चेन्नई. लचर डिफेंस और पहले ही हाफ में तीन गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा जब सात बार की चैम्पियन जर्मनी ने जूनियर हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में रविवार को मेजबान को 5-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया. अब भारतीय टीम 10 दिसंबर को कांस्य पदक के मुकाबले में अर्जेंटीना से खेलेगी जिसे स्पेन ने दूसरे सेमीफाइनल में 2-1 से हराया. जर्मनी के लिये लुकास कोसेल (14 वां और 30 वां मिनट) ने दो, वेक्स टाइटस (15वां), जोनास वोन गरसम (40 वां) और बेन हासबाश (49वां) ने गोल दागे जबकि भारत के लिये एकमात्र गोल अनमोल इक्का ने 51वें मिनट में किया .

दो बार की चैम्पियन भारतीय टीम और जर्मनी के प्रदर्शन में जमीन आसमान का अंतर था जो मैच के हर क्षण में नजर आया . मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम पर भारी तादाद में भारत की हौसलाअफजाई करने आये दर्शकों को इस प्रदर्शन से भारी निराशा हाथ लगी .
बेल्जियम को कड़े क्वार्टर फाइनल में शूट आउट में हराने वाली भारतीय टीम पर पहले ही क्वार्टर में ही जर्मनी ने दो गोल करके दबाव बना दिया . अपनी सटीक पांिसग के दम पर जर्मन टीम ने पहले तीन मिनट में ही जस्टस वारवेग की अगुवाई में भारतीय गोल पर तीन बार हमले बोले .

जर्मनी को 14वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे बाद में पेनल्टी स्ट्रोक में तब्दील किया गया जिस पर लुकास ने आसान गोल दागा . पहला क्वार्टर खत्म होने में सात सेकंड बाकी थे तब भारतीय डिफेंडरों की सुस्ती का फायदा उठाकर कोच जोहानेस श्मित्ज की जर्मन टीम में बढत दुगुनी कर ली .

गेंद जर्मन हाफ में ही थी जब एन किरिन ने सर्कल के बाहर दाहिनी ओर सटीक पास दिया और बीच में खड़े भारतीय डिफेंडरों को छकाते हुए वारवेग ने गेंद टाइटस को बायें फ्लैंक पर दी . डिफेंडर और गोलकीपर कुछ समझ पातें इससे पहले टाइटस ने गोल दाग दिया .
दूसरे क्वार्टर में भी गेंद पर नियंत्रण के मामले में जर्मनी के सामने भारतीय टीम कहीं नहीं टिक सकी . ब्रेक से सात सेकंड पहले जर्मन टीम ने एक बार फिर भारत के कमजोर डिफेंस का फायदा उठाकर पेनल्टी कॉर्नर बनाया और लुकास ने गोल करने में कोई चूक नहीं की  हाफटाइम तक जर्मनी के पास तीन गोल की दमदार बढत हो गई थी .

दूसरे हाफ के शुरूआती तीन मिनट में ही जर्मनी ने दो बार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया हालांकि इस बार ंिप्रसदीप ने शानदार बचाव किया . भारत को अगले मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन पहले रोशन कुजूर का सीधा शॉट जर्मन गोलकीपर ने बचाया और गेंद वापिस आने पर सामने खड़े सौरभ आनंद कुशवाहा उसे स्टिक पर ले ही नहीं सके . जर्मनी को 34वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन कोसेल के शॉट पर गेंद को अंकित पाल ने बाहर निकाला .

भारत ने एक आसान गोल 40वें मिनट में गंवाया जब सर्कल पर से एलेक वोन श्वेरिन ने शॉट लगाया और गोल के ठीक सामने खड़े गरसम ने स्टिक लगाकर गेंद को भीतर डाला . चौथा गोल करने के बाद भी जर्मन टीम की रफ्तार में कहीं कमी नहीं आई और भारतीय गोल पर हमले लगातार जारी रहे . इसके बाद हासबाक ने सर्कल पर वारवेग से हवा में गेंद मिलने के बाद अकेले गेंद को भीतर लेकर जाते हुए पहले गोलकीपर को छकाया और फिर अनमोल को चमका देकर आसान गोल दाग दिया . भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर 50वें मिनट में मिला जिस पर भारतीय कप्तान रोहित का शॉट जर्मन डिफेंडर के पैर पर लगा . नतीजतन भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर रोहित के बैक पास पर अनमोल ने भारत के लिये गोल किया .

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