कन्नड़ अभिनेता दर्शन को स्थानांतरित किया जा सकता है किसी दूसरे कारागार में

बेंगलुरु. कर्नाटक के चर्चित रेणुकास्वामी हत्या मामले में यहां परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में बंद कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है. मुख्यमंत्री और गृह मंत्री, दोनों ने मंगलवार को इसका संकेत देते हुए कहा कि अधिकारी इस तरह के निर्णय लेने की प्रक्रिया में हैं. दर्शन की एक आदतन अपराधी समेत तीन अन्य लोगों के साथ जेल परिसर में एक कुर्सी पर बैठ कर और हाथ में कॉफी का मग लेकर धूम्रपान करने की तस्वीर रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी थी, जिससे बाद एक विवाद पैदा हो गया.

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ”दर्शन के मामले में हमने जांच करने को कहा है. कारागार के मुख्य अधीक्षक सहित नौ लोगों को निलंबित किया गया है और अगर जांच के दौरान किसी और को भी (निलंबित) करना होगा तो हम करेंगे.” यहां सवांददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ”अगर (दर्शन और अन्य) को कहीं और भेजना होगा तो हम उन्हें भेजेंगे.” जब उनसे पूछा गया कि क्या दर्शन को बेल्लारी कारागार में स्थानांतरित किया जाएगा तो उन्होंने कहा, ”उन्हें कहां भेजना है, इसका फैसला पुलिस करेगी.” गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी को राज्य की जेलों में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए नियुक्त किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार दर्शन को किसी दूसरी जेल में स्थानांतरित करने पर फैसला नहीं ले सकती है.

परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, ”जेल प्राधिकारी अदालत तथा अन्य प्राधिकारियों से विचार-विमर्श कर इस पर फैसला लेंगे. सरकार इस पर फैसला नहीं लेती है. कुछ नियम हैं क्योंकि वे (दर्शन और अन्य सह-आरोपी) विचाराधीन कैदी हैं, इसके आधार पर प्राधिकारी फैसला लेंगे.” यह पूछने पर कि प्राधिकारी कब तक फैसला लेंगे, उन्होंने कहा, ”वे आने वाले कुछ दिनों में फैसला लेंगे.” दर्शन को ”विशेष सुविधाएं” देने की प्रारंभिक जांच के बाद परप्पना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक समेत नौ जेल अधिकारियों को उनकी ”चूक” के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया था. जेल अधिनियिम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में तीन प्राथमिकियां भी दर्ज की गयी हैं.

तस्वीरों में दर्शन के साथ बैठे लोगों में आदतन अपराधी विल्सन गार्डन नागा और अन्य कैदी नागराज (अभिनेता के प्रबंधक और सह-आरोपी) और कुल्ला सीना, एक हत्या के मामले में दोषी है. इस बीच, बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद ने मंगलवार को कहा कि पुलिस ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में दर्शन और अन्य आरोपियों तथा उपद्रवी तत्वों को यहां परप्पना अग्रहारा जेल से दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है.

जेल में कुछ चूक पाए जाने को स्वीकार करते हुए परमेश्वर ने कहा कि कैदियों को एक बैरक से दूसरे बैरक में जाने की अनुमति दी गयी और यह सीसीटीवी कैमरों में दर्ज है. उन्होंने कहा, ”इसलिए जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी.” उन्होंने कहा, ”नौ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनकी जगह नियुक्ति की जाएगी. मुख्य अधीक्षक और अधीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है, साथ ही दर्शन और उनके समूह को कुर्सी, कॉफी, सिगरेट देने वाले अन्य लोगों को भी निलंबित कर दिया गया है…ये सभी चीजें सीसीटीवी में कैद हुई हैं, इसके आधार पर इन सभी को निलंबित किया गया है.”

मंत्री ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी को भी नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने कहा, ”अधिकारी की जांच के नतीजों के आधार पर हम कुछ स्थायी समाधान निकालेंगे.” परमेश्वर ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि पूर्व में कारागार सुधार को रिपोर्ट सौंपी गई थी. राष्ट्रीय स्तर पर भी पुलिस और कारागार सुधार को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है जो मनमोहन सिंह सरकार के समय जमा की गई थी. उन्होंने कहा कि उनपर विचार कर जरूरी कदम उठाया जाएगा.

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना जैसे कई अन्य हाई-प्रोफाइल कैदियों को कथित तौर पर ”शाही सुविधाएं” दिए जाने के बारे में एक सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि दर्शन की घटना के बाद जेल में सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और इसके लिए भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी नियुक्त किया गया है.

परमेश्वर ने कहा, ”अधिकारी से कारागार के सभी पहलुओं की समीक्षा करने को कहा जाएगा , दूसरे कारागारों की भी क्योंकि अन्य लोगों से भी चूक पाई गई है. वे इन सब की समीक्षा करेंगे.” दयानंद ने संवाददाताओं से कहा कि कारागार में हुई घटना के संदर्भ में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि एक मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त करेंगे जबकि दो अन्य मामलों की जांच निरीक्षक करेंगे. मामलों के बारे में दयानंद ने कहा कि अदालत की अनुमति की जरूरत है और पुलिस विस्तृत जांच के लिए इसे प्राप्त करने की प्रक्रिया में है.

उन्होंने कहा, ”शनिवार को जब केंद्रीय अपराध शाखा की एक टीम कुछ अपराधियों की अवैध गतिविधियों में शामिल होने की सूचना के आधार पर जेल के सभी बैरकों की जांच करने गई, तब हमें कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या सबूत नहीं मिला. अब हमें जानकारी मिली है कि हमारे वहां पहुंचने से पहले कुछ चीजें कहीं और ले जाई जा सकती थीं. इस संबंध में जांच जारी है.” दयानंद ने कहा कि कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) के तहत गिरफ्तारी के बाद कई अपराधी तत्व परप्पना अग्रहारा जेल में बंद हैं.

उन्होंने कहा, ”चूंकि ऐसी आशंका है कि वे (अपराधी) अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए हमने उन्हें कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही रेणुकास्वामी हत्या मामले में शामिल अपराधी तत्वों को भी किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कहा है.”

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