कपिल ने रोहित का समर्थन करते हुए कहा, कप्तान को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं

हम से ज्यादा कांबली को खुद अपनी मदद की जरूरत: कपिल

नयी दिल्ली. महान क्रिकेटर कपिल देव ने सोमवार को कहा कि रोहित शर्मा की वापसी करने की क्षमता पर संदेह नहीं करना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आलोचनाओं से घिरे भारतीय कप्तान को अपने करियर के इस चरण में खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है. एडीलेड में गुलाबी गेंद के टेस्ट में रोहित ने मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते हुए तीन और छह रन बनाए थे. प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों ने नरम रुख के लिए उनकी आलोचना की थी. भारत ने ढाई दिन में मैच 10 विकेट से गंवा दिया.

कपिल ने यहां दिल्ली गोल्फ क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ”उसे खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है. वह कई वर्षों से ऐसा करता आ रहा है इसलिए हमें किसी पर संदेह नहीं करना चाहिए. मैं उस पर संदेह नहीं करूंगा. मुझे उम्मीद है कि वह फॉर्म में वापस आ जाएगा, यह महत्वपूर्ण है.” रोहित अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण शुरुआती टेस्ट में नहीं खेले थे.

सलामी बल्लेबाज के तौर पर अपने अधिकांश रन बनाने के बावजूद 37 वर्षीय रोहित दूसरे टेस्ट में छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे जिससे लोकेश राहुल को पारी का आगाज करने का मौका मिला जिन्होंने पर्थ में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
कपिल ने कहा, ”एक या दो प्रदर्शन के आधार पर, अगर आपको किसी की कप्तानी पर संदेह है. मेरा मतलब है कि सिर्फ छह महीने पहले जब उसने टी20 विश्व कप जीता था तो आपने यह सवाल नहीं पूछा होता. इसे जाने दीजिए, उसकी क्षमता और प्रतिभा को जानते हुए, वह वापसी करेगा. वह मजबूती से वापसी करेगा.”

यह पूछे जाने पर कि क्या दूसरे टेस्ट में युवा र्हिषत राणा को शामिल करना एक गलती थी, कपिल ने कहा: ”मैं कोई नहीं हूं. मैं कैसे फैसला कर सकता हूं? वहां ऐसे लोग हैं जिनके पास यह तय करने की जिम्मेदारी है कि टीम में किसे होना चाहिए.” रोहित की अनुपस्थिति में उपकप्तान जसप्रीत बुमराह की अगुआई में पर्थ में भारत को 295 रन से जीत दर्ज की.

यह पूछे जाने पर कि क्या बुमराह रोहित से कमान संभालने के लिए अच्छी तरह से तैयार हो रहे हैं, कपिल ने कहा, ”मुझे लगता है कि इस बारे में बात करना जल्दबाजी होगी. एक प्रदर्शन के आधार पर आप यह नहीं कह सकते कि वह सर्वश्रेष्ठ है और एक खराब प्रदर्शन के आधार पर आप यह नहीं कह सकते कि वह इसके लायक नहीं हैं.” ऑस्ट्रेलिया में पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला से पहले खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली पर्थ में 18 महीनों में अपना पहला शतक लगाने में सफल रहे. हालांकि यह स्टार बल्लेबाज दूसरे टेस्ट में असफल रहा और दो पारियों में सात और 11 रन ही बना पाया.

कपिल ने कहा, ”विराट कोहली हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में से एक है. अगर आप चार शीर्ष बल्लेबाजों को शामिल करते हैं, तो वह वहां होगा. अगर वह बुरे दौर से गुजर रहा है तो यह केवल उस पर निर्भर करता है कि वह कितनी तेजी से वापसी कर सकता है.” भारत के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली शराब से जुड़ी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. हाल ही में दिग्गज कोच रमाकांत आचरेकर की याद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान वह काफी कमजोर दिखाई दिए. उन्हें अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर को जाने से रोकते देखा गया.

कपिल ने कांबली की स्थिति पर दुख व्यक्त किया और बाहरी सहायता के साथ-साथ स्वयं सहायता की आवश्यकता पर बल दिया.
कपिल ने कहा, ”हम सभी को उनका समर्थन करने की कोशिश करनी चाहिए. लेकिन हमारे से अधिक उसे खुद का समर्थन करना है. अगर कोई व्यक्ति खुद का ख्याल नहीं रख सकता तो हम उसका ख्याल नहीं रख सकते.” उन्होंने कहा, ”हमने जो देखा है, उससे सभी क्रिकेटर बहुत दुखी हैं. मैं चाहता हूं कि उनके सबसे करीबी दोस्त उन्हें कुछ मदद दिलवाएं, ताकि वह खुद का ख्याल रख सकें और रिहैब में वापस जा सकें. लोगों को यह बीमारी होती है लेकिन आपको रिहैब में वापस जाना पड़ता है.”

हम से ज्यादा कांबली को खुद अपनी मदद की जरूरत: कपिल

महान हरफनमौला कपिल देव ने सोमवार को भारत के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली से अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें इस संकट से उबरने के लिए खुद प्रयास करने की जरूरत है. कांबली शराब से जुड़ी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. हाल ही में दिग्गज कोच रमाकांत आचरेकर की याद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान 52 साल का यह पूर्व खिलाड़ी काफी कमजोर दिखाई दिया. उन्हें अपने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर को जाने से रोकते देखा गया.

कपिल ने कांबली की स्थिति पर दुख व्यक्त किया और बाहरी सहायता के साथ-साथ स्वयं सहायता की आवश्यकता पर बल दिया.
कपिल ने कहा, ”हम सभी को उनका समर्थन करने की कोशिश करनी चाहिए. लेकिन हमारे से अधिक उसे खुद का समर्थन करना है. अगर कोई व्यक्ति खुद का ख्याल नहीं रख सकता तो हम उसका ख्याल नहीं रख सकते.”

उन्होंने कहा, ”हमने जो देखा है, उससे सभी क्रिकेटर बहुत दुखी हैं. मैं चाहता हूं कि उनके सबसे करीबी दोस्त उन्हें कुछ मदद दिलवाएं, ताकि वह खुद का ख्याल रख सकें और रिहैब में वापस जा सकें. लोगों को यह बीमारी होती है लेकिन आपको रिहैब में वापस जाना पड़ता है.” बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज कांबली ने पिछले कुछ वर्षों में कई स्वास्थ्य चुनौतियों से संघर्ष किया है. उन्हें 2012 में ‘एंजियोप्लास्टी’ करानी पड़ी थी. इसके बाद 2013 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा. शराब की लत से जूझने के कारण उन्हें कई बार रिहैबिलिटेशन के लिए जाना पड़ा. इससे उनके समग्र स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ा. कांबली ने भारत के लिए 104 एकदिवसीय और 17 टेस्ट में क्रमश: 2477 और 1084 रन बनाये है. कांबली ने स्कूल स्तर पर तेंदुलकर के साथ ऐतिहासिक 664 रन की अटूट साझेदारी की थी.

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