केरल आबकारी नीति विवाद : कांग्रेस ने पर्यटन निदेशक के दावे को किया खारिज

तिरुवनंतपुरम/कोझिकोड. कांग्रेस ने सोमवार को केरल पर्यटन निदेशक के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विभाग द्वारा हाल ही में आयोजित हितधारकों की बैठक का सरकार की शराब नीति से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्रियों को बचाने के लिए अधिकारियों को झूठ बोलने के लिए मजबूर किया गया है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आबकारी नीति में संशोधन का निर्णय 21 मई को पर्यटन विभाग द्वारा बुलाई गई बैठक के दौरान लिया गया था. विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने दावा किया कि बार मालिकों ने एर्नाकुलम में बैठक की और उस बैठक के बाद ‘अपने पक्ष में आबकारी नीति’ बनवाने के लिए धन जुटाने का फैसला किया.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”एक बार मालिक के कथित ऑडियो क्लिप में उसे यह कहते हुए स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है कि अगर पैसा नहीं मिला तो कुछ नहीं होगा.” सतीसन ने आरोप लगाया कि विपक्ष के हमलावर होने के तुरंत बाद पर्यटन निदेशक ने मीडिया में बयान जारी किया. कांग्रेस ने इस मामले पर पर्यटन और आबकारी मंत्रियों द्वारा झूठ बोलने का आरोप लगाया है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पर्यटन निदेशक द्वारा बुलाई गई ‘जूम’ मीटिंग के लिंक का विषय ‘आबकारी नीति समीक्षा’ था.
विपक्ष के नेता ने यह भी जानना चाहा कि क्या पर्यटन निदेशक के नाम से जारी किया गया बयान पर्यटन मंत्री के कार्यालय में तैयार किया गया था? उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को भ्रष्टाचार में शामिल मंत्रियों को बचाने के लिए मजबूर किया गया.
पर्यटन मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने हालांकि कांग्रेस के आरोपों को खारिज करना जारी रखा और स्पष्ट किया कि 21 मई को हुई बैठक नियमित रूप से होने वाली बैठक थी.

उन्होंने कोझिकोड में संवाददाताओं से कहा कि निदेशालय के लिए हितधारकों की इस तरह की बैठकें बुलाना सामान्य बात है और यह पर्यटन निदेशक के अधिकार क्षेत्र में आता है. रियास ने संदेह जताया कि इस विवाद में उनका नाम घसीटने का एक एजेंडा है. मामले के संबंध में मीडिया में आ रही खबरों को ‘भ्रामक’ करार देते हुए पर्यटन निदेशक शिखा सुरेंद्रन ने कहा कि बैठक में ‘रिसॉर्ट, होटल, हाउसबोट और इवेंट मैनेजमेंट’ से जुड़े उद्योग समूहों ने भाग लिया था, जो सभी पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सुरेंद्रन ने एक बयान में कहा कि यह बैठक पर्यटन मंत्री के निर्देश पर नहीं बुलाई गई थी.

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