
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक लोकसभा सदस्य ने सोमवार को कहा कि केरल सरकार द्वारा एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी को ‘विदेश सचिव’ के रूप में नियुक्त करना असंवैधानिक और केंद्र के अधिकारों में अतिक्रमण है. लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सदस्य पी पी चौधरी ने कहा कि आईएएस अधिकारी के वासुकी को ‘विदेश सचिव’ के रूप में नियुक्त करने वाला केरल सरकार का 15 जुलाई का आदेश स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार के अधिकारों में अतिक्रमण है.
चौधरी ने लोकसभा में कहा, “क्या केरल सरकार खुद को एक अलग राष्ट्र मान रही है.” केरल सरकार ने 15 जुलाई को एक आदेश जारी कर श्रम एवं कौशल विभाग के सचिव वासुकी को ”बा’ सहयोग से जुड़े मामलों का अतिरिक्त प्रभार” सौंपा था. चौधरी ने कहा कि बा’ सहयोग का अर्थ यह है कि विभिन्न देशों और वहां स्थित भारतीय दूतावासों और मिशन के साथ कार्य करना है, जो कार्य आवंटन नियमावली के अनुसार केंद्रीय सूची का हिस्सा है.
राजस्थान के पाली से भाजपा सांसद ने कहा, “कार्य आवंटन नियमों के अनुसार, ये कार्य केवल विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार द्वारा ही किए जा सकते हैं.” चौधरी ने कहा, “इसलिए, केरल सरकार द्वारा ऐसा आदेश जारी करना और एक आईएएस अधिकारी को विदेश सचिव नियुक्त करना असंवैधानिक है और यह संघीय सूची में अतिक्रमण है.”



