
तोक्यो. जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने बुधवार को कहा कि वह सितंबर में प्रस्तावित सत्तारूढ. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष पद के चुनाव में किस्मत नहीं आजमाएंगे. इससे जापान में एक नये प्रधानमंत्री का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
किशिदा सितंबर 2021 में एलडीपी के अध्यक्ष चुने गए थे और उसके बाद प्रधानमंत्री बने थे. उनका तीन साल का कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहा है.
किशिदा ने सितंबर में प्रस्तावित एलडीपी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, जिससे नये पार्टी प्रमुख के चयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. जानकार उनकी इस घोषणा को यह दर्शाने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं कि उनकी पार्टी में अच्छे बदलाव हो रहे हैं. किशिदा ने कहा कि वह नये नेता का समर्थन करेंगे.
किशिदा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमें एलडीपी के नये कलेवर में सामने आना स्पष्ट रूप से दिखाने की आवश्यकता है. बदलते एलडीपी को दिखाने के लिए, सबसे पहला कदम मेरे लिए पीछे हटना है.” उन्होंने कहा, “मैं आगामी पार्टी नेतृत्व का चुनाव नहीं लड़ूंगा.” जापान के सरकारी टीवी चैनल ‘एनएचके’ की खबर के मुताबिक, किशिदा के एलडीपी अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर होने का मतलब यह है कि पार्टी प्रमुख निर्वाचित होने वाला अगला नेता देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी जगह लेगा, क्योंकि एलडीपी को जापानी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल है.
किशिदा के कार्यकाल में उनकी पार्टी के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार और घोटालों में शामिल होने के आरोप लगे हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता का स्तर काफी घट गया है. इसके अलावा, साल की शुरुआत में हुए स्थानीय चुनावों में एलडीपी के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी सांसदों ने अगले आम चुनाव से पहले नये नेता के चयन की मांग तेज कर दी है.
किशिदा ने कहा कि जापान के अंदर और बाहर मुश्किल हालात से निपटने के लिए राजनीति में जनता का भरोसा फिर से हासिल करना बहुत ज.रूरी है. उन्होंने पार्टी के महत्वाकांक्षी सांसदों से पार्टी नेतृत्व का चुनाव लड़ने और प्रचार के दौरान नीतिगत बहस करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा, “एक बार जब नया नेता तय हो जाता है, तो मुझे उम्मीद है कि सभी लोग एकजुट होंगे और ऐसी राजनीति हासिल करने के लिए एक टीम बनाएंगे जो जनता का विश्वास हासिल कर सके.” जापान में अमेरिकी राजदूत आर. इमैनुएल ने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ विशेष रूप से सुरक्षा के मामले में मिलकर काम करके अमेरिका-जापान गठबंधन को एक नये स्तर पर ले जाने में किशिदा के प्रयासों की प्रशंसा की.
हालांकि मुख्य विपक्षी का्स्टिटटूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता केंटा इजुमी ने कहा, “जब भी पार्टी संकट में होती है, एलडीपी अपने अस्तित्व के लिए प्रधानमंत्री और पार्टी नेता बदलती है ताकि मतदाता अतीत को भूल जाएं. यह उनकी रणनीति है और लोगों को इससे धोखा नहीं खाना चाहिए.”



