कुमारस्वामी ने कलबुर्गी में किसान के साथ बातचीत को लेकर खरगे की आलोचना की

बेंगलुरु: केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कलबुर्गी में एक परेशान किसान से बातचीत का कथित वीडियो सामने आने के बाद, उनके बर्ताव को लेकर सोमवार को निशाना साधा और उनके आचरण को ‘‘अहंकारी’’ तथा अनुचित करार दिया।

सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुए वीडियो क्लिप में खरगे की एक किसान के साथ बातचीत दिखाई गई है, जिसकी फसलें क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ से नष्ट हो गई थीं। वीडियो में खरगे किसान से पूछते नजर आते हैं, ‘‘तुमने कितने एकड़ में फसल बोई?’’ इस पर किसान जवाब देता है, ‘‘चार एकड़’’ तो खड़गे कहते हैं, ‘‘मेरी 40 एकड़ है। मेरा तुमसे से भी बुरा हाल है। तुम आकर बता रहे हो। तुम मुझे बता सकते हो, लेकिन मेरा तो तुमसे भी बुरा हाल है।’’

वीडियो में खरगे कहते हैं, ‘‘ यहां प्रचार के लिए मत आओ। मुझे पता है। मूंग, उड़द और अरहर – सब बर्बाद हो गए हैं। तुम कम से कम बने तो रह सकते हो। हम नहीं रह सकते क्योंकि मेरा नुकसान बहुत ज्Þयादा है। जाओ, मोदी और शाह से पूछो।’’

इस पर कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आदरणीय मल्लिकार्जुन खरगे जी, किसानों के प्रति आपके व्यवहार से मुझे गहरी निराशा हुई। एक वरिष्ठ नेता से मुझे ऐसे आचरण की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। अगर कोई किसान परेशान होकर आपके पास आकर अपना दर्द नहीं बता सकता, तो फिर वह किसके पास जाए? आप राज्यसभा में विपक्ष के नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। फिर भी, आप बातचीत करते वक्त अपनी ज़म्मिेदारियों को पूरी तरह भूल गए।’’

जद (एस) नेता ने कहा, ‘‘आप भी तूर दाल किसान हो सकते हैं, लेकिन आप जैसे 40 एकड़ ज़मीन पर खेती करने वाले और सिफऱ् एक-दो एकड़ ज़मीन पर खेती करने वाले ग़रीब किसान के बीच क्या तुलना है? आप नुकसान सहने की क्षमता रखते हैं। क्या किसानों के पास भी यही क्षमता नहीं होनी चाहिए?’’

उन्होंने लिखा, ‘‘ऐसे शब्द कहने की क्या ज़रूरत थी? एक वरिष्ठ नेता को नजीर पेश करने वाला बनना चाहिए। इसके बजाय, आपने किसान का अपमान किया और उसके साथ-साथ उसकी मां का भी अपमान किया! यह अस्वीकार्य है। कम से कम, आप उसे सांत्वना तो दे सकते थे और उसके आंसू पोंछ सकते थे।’’ उन्होंने इसे कांग्रेस नेतृत्व के रवैये का सबूत बताते हुए कहा, ‘‘ आपका आचरण पार्टी के पारंपरिक अहंकार और घमंड का प्रमाण है।’’

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