
दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले को कथित तौर पर रोकने की घटना के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. पुलिस ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना प्रदर्शन किया था.
बघेल ने 24 अगस्त को दावा किया था कि जब वह भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में भाग लेने के लिए दुर्ग जा रहे थे तब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिरसा गेट चौराहे पर अचानक उनका काफिला रोक दिया था. उन्होंने कहा था कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनके सुरक्षार्किमयों को अपशब्द कहे और उन्हें धक्का दिया था. साथ ही उन्होंने बघेल के खिलाफ नारे भी लगाए थे.
बघेल ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी दल भाजपा डरी हुई है और अपने कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है. बघेल के निजी सुरक्षाकर्मी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बजरंग दल के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को पुलिस को सूचित किया था कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने में शामिल लोगों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे प्रदर्शन करेंगे और थाने का घेराव करेंगे. इसके बाद उन्हें प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने को कहा गया. शुक्ला ने बताया कि इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने में शामिल 16 लोगों की पहचान कर उन्हें सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध जमानती थे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस नेताओं को भी कार्रवाई के बारे में सूचित कर दिया गया है.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन किया और पुरानी भिलाई थाने की ओर गए. उनका कहना था कि वे सिर्फ ज्ञापन सौंपेंगे. लेकिन जब उन्होंने थाने के रास्ते में पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन पर हल्का बल प्रयोग किया गया. शुक्ला ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है. हाथापाई में एक पुलिस अधिकारी की नाक पर चोट आई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संबंधित घटनाक्रम में एक अन्य मामला भी पुरानी भिलाई थाने में दर्ज किया गया है.
उन्होंने बताया कि भिलाई चरोदा नगर निगम के कांग्रेस पार्टी से सभापति कृष्णा चंद्राकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर जिम संचालक पुष्पराज के जिम में मारपीट की और वहां मौजूद दो युवकों को अपने साथ थाने लाकर थाने में भी मारपीट की. कृष्णा को शक था कि भूपेश बघेल के काफिले को रोकने में यह सभी शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने प्रार्थी पुष्पराज और अन्य दो युवकों की शिकायत पर कृष्ण चंद्राकर तथा पांच अन्य के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है. इस मामले में अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग की घटना की निंदा की है तथा आरोप लगाया है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च कर रहे लोगों को पीटा है.
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लगातार पोस्ट कर बघेल ने कहा, ”भिलाई – शांतिपूर्ण धरने के बाद शांतिपूर्वक मार्च करके ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस वालों ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा. तो क्या अब भाजपा सरकार को शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं है? यह तो जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है. भाजपा सरकार और खासकर उनके आदेश का पालन कर रहे नौकरशाह कान खोलकर सुन लें.”
उन्होंने कहा,” सत्ता की गोद में बैठ कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करवाना याद रहेगा. और भूलना मत, लाठी का एक-एक वार कांग्रेसियों का हौसला बढ़ाता है. हम गांधीवादी हैं. लोकतंत्र पर हमारी अटूट आस्था है. एक सवाल अभी बचा हुआ है, बजरंग दल के गुंडा तत्वों पर कार्रवाई कब होगी?” वहीं एक वीडियो साझा कर बघेल ने लिखा है, ”शांतिपूर्ण विरोध में सरकारी आदेश पर निर्मम लाठीचार्ज में पुलिस की लाठी से थाना प्रभारी का घायल होना भी दुखद है. वे जल्द स्वस्थ हों.”



