लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को दी नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नयी दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सदन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी. लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना में यह जानकारी दी गई. राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नौ जून, 2024 से प्रभावी रहेगा. वह इस बार लोकसभा में उत्तर प्रदेश के रायबरेली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) भर्तृहरि महताब को पत्र भेजकर कांग्रेस के इस फैसले के बारे में उन्हें अवगत कराया था कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष होंगे. राहुल गांधी ने बधाई देने वाले नेताओं का आभार जताया और कहा कि उनके लिए यह अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.

उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ”देश की जनता, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और ‘इंडिया’ के सहयोगियों का मुझ पर भरोसा जताने के लिए दिल से धन्यवाद. विपक्ष का नेता सिर्फ एक पद नहीं है – यह आपकी आवाज. बनकर आपके हितों और अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.”

कांग्रेस नेता ने कहा, ”हमारा संविधान गरीबों, वंचितों, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों का सबसे बड़ा हथियार है और हम उस पर किए गए हर हमले का पूरी ताकत से जवाब देकर उसकी रक्षा करेंगे. मैं आपका हूं और आपके लिए ही हूं.” विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी को अब कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा. इससे प्रोटोकॉल सूची में उनका स्थान भी बढ. जाएगा.

नेता प्रतिपक्ष के तौर पर वह केंद्रीय सतर्कता आयोग, केंद्रीय सूचना आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार से जुड़े चयन के अलावा लोकपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक जैसी प्रमुख नियुक्तियों पर महत्वपूर्ण पैनल के सदस्य भी होंगे. प्रधानमंत्री इन पैनल के प्रमुख होते हैं.

संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 की धारा 3 में निर्दष्टि वेतन और अन्य सुविधाएं तथा भत्ते प्राप्त करने के अलावा, एक सांसद के रूप में राहुल गांधी उसी स्थिति और वेतनमान में सचिव की सहायता के हकदार होंगे तथा एक कैबिनेट मंत्री की तरह निजी स्टाफ भी उनके पास होगा.

गांधी एक निजी सचिव, दो अतिरिक्त निजी सचिव, दो सहायक निजी सचिव, दो निजी सहायक, एक हिंदी स्टेनो, एक क्लर्क, एक सफाई कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी के चार कर्मचारियों के भी हकदार होंगे. उन्हें सत्कार भत्ते के अलावा, 1954 के कानून की धारा 8 के तहत निर्दष्टि समय के लिए उसी दर पर निर्वाचन क्षेत्र भत्ता मिलेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button