
नयी दिल्ली. भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो और स्पेन की प्रमुख रक्षा कंपनी नवंतिया ने छह टोही पनडुब्बियों की खरीद के लिए 43,000 करोड़ रुपये के भारतीय नौसेना के ठेके में संयुक्त रूप से बोली लगाने की खातिर एक समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर किए.
करीब एक महीना पहले जर्मनी की रक्षा कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) और राजकीय मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने इस परियोजना की खातिर बोली लगाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. यह खरीद ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत की जानी है.
एल एंड टी कंपनी ने एक बयान में कहा, “लार्सन एंड टुब्रो एवं स्पेन की कंपनी नवंतिया ने भारतीय नौसेना के पी75 (भारत) पनडुब्बी कार्यक्रम के लिए तकनीकी-वाणिज्यिक बोली बलाने के मकसद से आज एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.” दिल्ली में आयोजित एक समारोह में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस मौके पर एल एंड टी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रमण्यन, नवंतिया बोर्ड के सदस्य ऑगस्टिन अल्वारेज ब्लैंको एवं स्पेनिश राजदूत जोस मारिया रिदाओ डोमिंगुएज उपस्थित थे.
रक्षा मंत्रालय ”प्रोजेक्ट-75 (भारत)” कार्यक्रम के तहत भारतीय नौसेना के लिए देश में निर्मित छह पारंपरिक पनडुब्बियों की खरीद की प्रक्रिया में है. पनडुब्बियों का विनिर्माण भारत में होगा.
इन पनडुब्बियों का विनिर्माण बहुर्चिचत रणनीतिक साझेदारी (एसपी) मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसमें घरेलू रक्षा निर्माताओं को उच्च-स्तरीय सैन्य साजोसामान का उत्पादन करने के लिए प्रमुख विदेशी रक्षा कंपनियों के साथ हाथ मिलाने का मौका मिलता है. रणनीतिक साझेदारी का मकसद आयात पर निर्भरता में कमी लाना है.
‘पी-75 इंडिया’ परियोजना के लिए बोली प्रक्रिया अगस्त में समाप्त होगी. अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय इस साल के अंत तक या अगले साल शुरू में अनुबंध के सफल बोलीकर्ता के नाम को अंतिम रूप दे सकता है. समझौते के अनुसार, नवंतिया एस80 श्रेणी की अपनी पनडुब्बियों के आधार पर ‘पी75(आई)’ पनडुब्बियों का डिजाइन तैयार करेगी. एस80 श्रेणी पनडुब्बी की शुरुआत 2021 में की गई थी और अभी समुद्री परीक्षणों से गुजर रही है. स्पेन की नौसेना को 2023 के अंत तक पनडुब्बी की आपूर्ति की जानी है.



