मालीवाल से बदसलूकी मामला: राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए बिभव कुमार

 नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के सिलसिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के समक्ष पेश नहीं हुए. एनसीडब्ल्यू का एक दल जब दिल्ली पुलिस के साथ शुक्रवार को फिर से उन्हें नोटिस देने गया, तो घर के निवासियों उसे स्वीकार करने से मना कर दिया.

एनसीडब्ल्यू ने पोस्ट किया, ”एनसीडब्ल्यू के अधिकारियों ने, सिविल लाइन्स, नयी दिल्ली के एसीपी के साथ, श्री बिभव कुमार को उनके आवास पर सुनवायी का नोटिस देने का प्रयास किया. हालांकि जब घर के निवासियों ने नोटिस स्वीकार करने से मना कर दिया, अधिकारियों ने नोटिस उनके आवास के गेट पर चिपका दिया. सुनवायी 18 मई, 2024 को एनसीडब्ल्यू कार्यालय में होनी है.” एनसीडब्ल्यू ने कुमार के घर के बाहर की तस्वीरें भी टैग कीं, जहां उन्होंने एक नया नोटिस चिपकाया. इससे पहले एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि आयोग की एक टीम बृहस्पतिवार को भी कुमार को नोटिस देने उनके आवास पर गयी थी, लेकिन वह घर पर नहीं थे.

शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “कुमार की पत्नी ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया. मेरी टीम आज फिर पुलिस के साथ उनके आवास पर गई है और अगर वह कल तक (एनसीडब्ल्यू के समक्ष) पेश नहीं होते हैं, तो हम पूछताछ करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जाएंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि वह मालीवाल से मिलेंगी.

एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा, “मैं ट्विटर पर स्वाति जी (अब एक्स) से कह रही थी कि वे अपनी बात रखें, लेकिन मुझे लगता है कि वे सदमे में हैं, क्योंकि यह घटना उनके (पार्टी) नेता के घर पर हुई… एक सांसद, जो हमेशा महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं, उन्हें पीटा गया.” उन्होंने कहा, “हमारे मतभेदों के बावजूद, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं…एक बार जब वह थोड़ा बेहतर महसूस करेंगी, तो मैं व्यक्तिगत रूप से स्वाति से मिलूंगी. मुझे उम्मीद है कि अब वह बेहतर होंगी, लेकिन मैं समझती हूं कि उन्हें इस सदमे से बाहर आने में समय लगेगा.”

इस मुद्दे पर केजरीवाल की चुप्पी पर शर्मा ने कहा कि इससे पता चलता है कि उन्हें किसी चीज की परवाह नहीं है. उन्होंने कहा, ”यह संकेत है कि वह बिभव का पक्ष ले रहे हैं. एक महिला का समर्थन करने के बजाय, वह एक अपराधी का समर्थन कर रहे हैं. वह महिलाओं के नाम पर मुफ्त चीजें बांटते हैं, लेकिन जब उनके घर में एक महिला को पीटा जाता है, तो वह आंखें मूंद लेते हैं और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते.” उन्होंने कहा, “केजरीवाल स्पष्ट रूप से बिभव का पक्ष ले रहे हैं.” शर्मा ने कहा कि पुलिस पहले ही इस मामले की जांच कर रही है, एनसीडब्ल्यू भी अपनी जांच टीम भेजेगा.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह मालीवाल ने यहां सिविल लाइंस पुलिस थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि केजरीवाल के निजी स्टाफ के एक सदस्य ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर उनके साथ “मारपीट” की. एनसीडब्ल्यू ने मीडिया में प्रकाशित एक पोस्ट का स्वत: संज्ञान लिया, जिसका शीर्षक था “पूर्व डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव पर उन पर हमला करने का आरोप लगाया.” इसमें उन्होंने (मालीवाल) दावा किया था कि कुमार ने मुख्यमंत्री के आवास पर उनके साथ मारपीट की.

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को मालीवाल पर कथित हमले के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज की. मामले में कुमार को आरोपी बनाया गया है. प्राथमिकी के अनुसार, कुमार ने कथित तौर पर राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल को कई बार लात और थप्पड़ मारे और मालीवाल द्वारा मदद के लिए चिल्लाने के बावजूद भी वह नहीं रुके. कथित हमले का विवरण ऐसे समय सामने आया जब मालीवाल शुक्रवार को मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं.

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