गाजियाबाद. पैगम्बर मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के समर्थन में रविवार को महापंचायत करने की कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक नरसिंहानंद के समर्थक डासना मंदिर के बाहर महापंचायत करना चाहते थे जिसके लिए नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव डॉ. उदिता त्यागी ने अनुमति मांगी थी, लेकिन जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी थी.
पुलिस ने बताया कि इसके बावजूद समर्थक कार्यक्रम के आयोजन के लिये जुटे, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया. उसने बताया कि गांवों और शहर से मंदिर को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर पुलिस ने एहतियातन सुबह से ही अवरोधक लगा दिए थे. पुलिस ने बताया कि नरसिंहानंद के कुछ समर्थकों ने मंदिर तक पहुंचने के लिए अवरोधक हटाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया.
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए हैं जिनमें पुलिसकर्मी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजते नजर आ रहे हैं. नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव उदिता त्यागी ने पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में संतों के साथ मंदिर के गेट पर धरना दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के बाहर पुलिस श्रद्धालुओं को पीट रही है. त्यागी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में आरोप लगाया कि पुलिस ने महापंचायत में शामिल होने जा रहे अनुयायियों को शनिवार रात में ही घर से गिरफ्तार कर लिया.
उनका आरोप है, ”संतों के लिए दवाइयां लेकर एंबुलेंस में मंदिर की ओर जा रहे डॉ. बीपी त्यागी को भी रोका गया. जब वह एंबुलेंस से उतरकर मंदिर की ओर बढ़े तो उन्हें भी पुलिस ने सड़क पर रोक लिया.” लोनी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक नंद किशोर गुर्जर भी नरसिंहानंद के समर्थन में खुलकर सामने आए और उन्होंने भी मंदिर जाने की कोशिश की.
पुलिस ने उन्हें रोका तो वह रास्ते में ही बैठ गए और पंचायत की. उन्होंने मांग की कि रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर निकाला जाए और डासना मंदिर पर कथित हमला करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाया जाए. नरसिंहानंद के समर्थकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के बारे में पूछे जाने पर पुलिस उपायुक्त एन.के. तिवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैंने घटना के वीडियो नहीं देखे हैं. वीडियो देखने के बाद अगर जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी.” डासना मंदिर के महंत नरसिंहानंद ने गत 29 सितंबर को पैगम्बर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसका पूरे देश में विरोध किया गया था.
इस मामले में नरसिंहानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. महंत की अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में चार अक्टूबर को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की भीड़ ने डासना मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया था और कथित रूप से पथराव भी किया गया था.
पुलिस ने 11 अक्टूबर को नरसिंहानंद के करीबी सहयोगी अनिल यादव को गिरफ्तार किया है. यादव उर्फ छोटा नरसिंहानंद भी पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में यति नरसिंहानंद के साथ सह-आरोपी है.