
मुंबई. मुंबई पुलिस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड बनाने और फर्जी मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए उसका उपयोग करने के मामले में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने 16 अक्टूबर को संवाददाता सम्मेलन में दिखाया था कि किस तरह एक वेबसाइट पर फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और उनका उपयोग फर्जी मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए किया जा रहा था.
रोहित पवार ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने को ”हास्यास्पद” बताया और कहा कि वह तो बस यह दर्शा रहे थे कि आधार कार्ड प्रणाली कितनी ”त्रुटिपूर्ण” है. उन्होंने कहा कि उनके इस कदम में कोई जालसाजी शामिल नहीं है.
पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए विपक्षी दल के विधायक ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनसे बात करके मामले की जानकारी लेनी चाहिए थी और मामले की जांच के आदेश देने चाहिए थे. राकांपा (एसपी) महासचिव ने कहा, ”लेकिन 15 दिन बर्बाद करने के बाद, उन्होंने बस एक व्यर्थ प्राथमिकी दर्ज की है.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के सह-संयोजक धनंजय वागस्कर को फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने संबंधी जानकारी एक यूट्यूब चैनल से मिली जिसमें उनकी पार्टी के एक पदाधिकारी पर भी आरोप लगाए गए थे.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इसे गंभीरता से लेते हुए वागस्कर ने वेबसाइट के अज्ञात निर्माता, मालिक और उपयोगकर्ता तथा अन्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि किसी नेता द्वारा किया गया यह धोखाधड़ी का कार्य ”भारत में एक स्वायत्त संस्थान” और उनकी पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जनता में क्रोध और घृणा भड़काकर सामाजिक सुरक्षा को खतरे में डालता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि एक फर्जी वेबसाइट के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर, समाज के दो समूहों के बीच भ्रम पैदा करने और झगड़ा कराने का प्रयास किया गया. पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायत के आधार पर, यहां की साइबर पुलिस ने मंगलवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जालसाजी, पहचान की चोरी, झूठी जानकारी प्रसारित करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया.
रोहित पवार ने 16 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ के लिए प्रतिकूल परिणाम आने के बाद फर्जी मतदाताओं का पंजीकरण, वास्तविक मतदाताओं के नाम सामूहिक रूप से हटाना और दोहरा मतदाता पंजीकरण जैसी अनियमितताएं हुई थीं.
राकांपा (एसपी) नेता ने कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बीच 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जो प्रति वर्ष 6.5 लाख मतदाताओं या प्रति माह 54,000 मतदाताओं के जोड़ने के बराबर है. उन्होंने कहा कि लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बीच केवल छह महीनों में 48 लाख मतदाताओं को जोड़ा गया. राकांपा (शरदचंद्र पवार) विधायक ने दावा किया कि ऐसे उदाहरण भी थे जहां एक निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदाता के आधार कार्ड का उपयोग फोटो और नाम बदलकर दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में एक और मतदाता के पंजीकरण के लिए किया गया था.



