कई बड़ी फिल्में बन चुकी हैं, मानवीय पहलु वाली कहानियां बनाने की जरूरत : संजय मिश्रा

पणजी. मशहूर अभिनेता संजय मिश्रा का कहना है कि सिर्फ ”बड़ी फिल्में” बनाने के बजाय, ”जीवन और रिश्तों” पर आधारित फिल्में भी बनाने की जरूरत है. भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में मिश्रा की फिल्म ”वध 2” का भव्य प्रीमियर हुआ. यह फिल्म 2022 में रिलीज हुई बहुप्रशंसित फिल्म ”वध” का सीक्वल है, लेकिन ये एक अलग कहानी कहती है.

मिश्रा ने इफ्फी से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”भारतीय फिल्मों के लिए चीजें नहीं बदली हैं, जैसे कि हमने इफ्फी में अपनी फिल्म ‘वध 2’ प्रर्दिशत की. निर्माता (अच्छी) कहानी चाहते हैं. मैं उन निर्माताओं का सम्मान करता हूं जो हम पर पैसा लगाते हैं और अच्छी फिल्में बनाते हैं.” अभिनेता ने कहा, ”हमें भारत में ऐसी और फिल्में बनाने की जरूरत है, हमें मानवीय पहलु वाली कहानियों पर फिल्में बनाने की जरूरत है. बहुत सी बड़ी-से-बड़ी फिल्में बन रही हैं, लेकिन हमें जीवन और रिश्तों के बारे में फिल्में बनाने की जरूरत है.” अभिनेता ने अपनी कुछ बेहतरीन फिल्मों जैसे ”आंखों देखी”, ”कामयाब” और अन्य के लिए निर्माताओं का समर्थन पाने के लिए खुशी जाहिर की.

मिश्रा ने कहा, ”अंकुर गर्ग और लव रंजन जैसे निर्माताओं का होना अच्छी बात है जो हर तरह की फिल्मों का समर्थन कर रहे हैं. मुझे ऐसे निर्माताओं का समर्थन मिला, जिन्होंने ”वध” जैसी फिल्में बनाई हैं. मुझे ऐसे निर्माताओं का साथ मिला जिन्होंने मेरी कुछ फिल्मों जैसे ”कड़वी हवा”, ”आंखों देखी”, और ”कामयाब” का समर्थन किया है.” फिल्म ”वध 2” जसपाल सिंह संधू द्वारा लिखित और निर्देशित है, और इसमें नीना गुप्ता मुख्य भूमिका में हैं. संधू ने कहा कि अच्छी विषय-वस्तु वाली फिल्मों के लिए निर्माताओं का समर्थन मिलना जरूरी है.

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