
मुंबई. अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित सिनेमा जगत की कई हस्तियों ने अभिनेत्री सुलोचना के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. हिंदी और मराठी सिनेमा में मां के कई किरदार निभाने के लिए र्चिचत सुलोचना लाटकर का लंबी बीमारी के बाद मुंबई के एक अस्पताल में रविवार को निधन हो गया था. वह 94 वर्ष की थीं. अभिताभ ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने ” एक और बड़ा ” सितारा खो दिया.
फिल्म ‘मजबूर’ (1974) में सुलोचना के साथ काम करने वाले अमिताभ ने अपने निजी ब्लॉग में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ” हमने सिनेमा जगत का एक और महान सितारा खो दिया …..मेरे साथ कई फिल्मों में एक उदार, विनम्र, फिक्रमंद मां की भूमिका निभाने वाली सुलोचना जी…. वह कुछ समय से बीमार थीं.” अमिताभ ने बताया कि वह सुलोचना के परिवार से उनके स्वास्थ के बारे में जानकारी लेते रहते थे.
उन्होंने कहा, ” मैं उनके परिवार से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल करता रहता था.. दुखद समाचार मिला. दुख की इस घड़ी में हम केवल प्रार्थना कर सकते हैं…. मैं इससे ज्यादा कुछ और नहीं लिख पाऊंगा.” अमिताभ और सुलोचना ने ‘रेशमा और शेरा’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘दोस्ताना’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया.
माधुरी दीक्षित नेने ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह ” सिनेमा जगत की सबसे पसंदीदा व आकर्षक अभिनेत्रियों में से एक थीं.” उन्होंने ट्वीट किया, ” उनकी फिल्मों में से ‘सांगते ऐका’ हमेशा मेरी सबसे पसंदीदा फिल्म रहेगी. हर फिल्म में उनकी अदाकारी छाप छोड़ने वाली थी. मुझे आपके साथ बिताया समय याद आएगा.. भगवान आपकी आत्मा को शांति दे. भारतीय सिनेमा में आपके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.” फिल्म ‘अंदर-बाहर’ में सुलोचना के साथ काम करने वाले अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपने साथ उनकी एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि वह इस खबर से बेहद दुखी हैं.
अभिनेता अभिषेक बच्चन ने ट्वीट किया, ” सुलोचना जी को एक बेहतरीन अदाकारा के तौर पर याद रखा जाएगा, जिनके अभिनय के असाधारण कौशल ने भारतीय सिनेमा को काफी प्रभावित किया. ओम शांति.” मराठी और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री सुलोचना ने 1940 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की और 250 से अधिक फिल्मों में काम किया.
हिंदी फिल्मों में उन्होंने सुनील दत्त, देव आनंद, राजेश खन्ना, दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन सहित 1960, 1970 और 1980 के दशक के प्रमुख सितारों के लिए बड़े पर्दे पर मां की भूमिका निभाई. उन्होंने ‘हीरा’, ‘जानी दुश्मन’, ‘जब प्यार किसी से होता है’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘कटी पतंग’, ‘मेरे जीवन साथी’, ‘प्रेम नगर’ जैसी हिट फिल्मों में अभिनय किया. सुलोचना को 1999 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उनके परिवार में उनकी बेटी कंचन घनेकर हैं. उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ सोमवार शाम को किया जाएगा.



