
मुंबई. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे द्वारा अगामी चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को हराने की अपील किए जाने के एक दिन बाद बुधवार को सत्तारूढ़ पार्टी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के ‘मुखौटे’ की तरह काम कर रहे हैं.
भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगामी चुनावी मुकाबले में जरांगे द्वारा दी गई चुनौती का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें मुकदमे में फंसाना चाहते हैं जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. जरांगे ने पहले भी फडणवीस पर निशाना साधा था. पुणे की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में मंगलवार को जरांगे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. इसके बाद बुधवार को उन्होंने फडणवीस को निशाने पर लिया.
भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा, ”हम मनोज जरांगे की चुनौती को स्वीकार करते हैं और उनका मुकाबला चुनावी मैदान में करेंगे.” उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण आंदोलन के नेता एमवीए के हाथों में खेल रहे हैं. महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन एमवीए में शिवेसना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस शामिल हैं.
जरांगे पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए दरेकर ने कहा, ”एक दिन खुद को राजनीति से दूर रहने की बात करते हैं और दूसरे दिन मराठा समुदाय से भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए वोट देने की अपील करते हैं.” दरेकर ने आरोप लगाया कि जरांगे धीरे-धीरे मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीति की ओर ले जा रहे हैं.
भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ”जरांगे महा विकास आघाडी के मुखौटे की तरह काम कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि उन्होंने राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पर हमला करने का ठेका ले लिया है. उनका ध्यान सामाजिक मुद्दों के बजाय राजनीति पर है. वह मराठा आरक्षण का मुद्दा विधानसभा चुनाव तक जिंदा रखना चाहते हैं क्योंकि इस अशांति से एमवीएम उम्मीदवारों को लाभ हो सकता है.” महाराष्ट्र में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.
जरांगे ने बुधवार को अपना अनिश्चितकालीन अनशन स्थगित कर दिया. उन्होंने पांचवें दिन भूख हड़ताल समाप्त करते हुए कहा कि मराठा समुदाय के सदस्यों ने ऐसा करने के लिए दबाव डाला. जालना में मीडियार्किमयों से बातचीत में जरांगे ने आरोप लगाया कि फडणवीस विरोधियों के खिलाफ सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर निम्न दर्जे की राजनीति कर रहे हैं.



