माइक्रोसॉफ्ट भारत में एआई परिवेश को लेकर प्रतिबद्ध, बुनियादी ढांचे में कर रही निवेश: सत्य नडेला

बेंगलुरु. अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने बृहस्पतिवार को कहा कि कंपनी भारत के कृत्रिम मेधा (एआई) परिवेश को लेकर प्रतिबद्ध है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश कर रही है. उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट, ‘क्लाउड’ क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के साथ एआई-संचालित भविष्य के लिए लाखों भारतीयों को कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

माइक्रोसॉफ्ट ने चार प्रमुख आईटी कंपनियों कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो के साथ रणनीतिक साझेदारी की भी घोषणा की. ये कंपनियां ‘एजेंटिक’ एआई को अपनाने में तेजी लाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर काम करेंगी. ‘माइक्रोसॉफ्ट’ के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में नडेला ने कहा, ‘‘हम भारत में निवेश करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं ताकि हम यहां सर्वश्रेष्ठ श्रेणी का बुनियादी ढांचा ला सकें. यह 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश है.’’ नडेला ने इसे एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा निवेश बताया. माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन ने देश भर में कंपनी के ‘क्लाउड नेटवर्क’ के तेजी से विस्तार पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, ‘‘हम ‘एज्यूर’ को विश्व के कंप्यूटर के रूप में विकसित कर रहे हैं और हमारे पास दुनिया भर में 70 से अधिक डेटा सेंटर क्षेत्र हैं. भारत में हमारी उपस्थिति लगातार बढ़ रही है. अब हमारे पास मध्य भारत, पश्चिम भारत, दक्षिण भारत में नेटवर्क है और हमने जियो के साथ भी साझेदारी की है.’’ ‘एज्यूर’ माइक्रोसॉफ्ट द्वारा प्रदान किया गया एक व्यापक ‘क्लाउड कंप्यूंिटग’ मंच है. इस पर कंपनियां एवं डेवलपर अपनी एप्लिकेशन, वेबसाइट, डेटाबेस, स्टोरेज, एआई मॉडल तथा सर्वर आॅनलाइन बना, चला तथा प्रबंधित कर सकते हैं.. वह भी बिना अपने ‘फिजिकल सर्वर’ खरीदे. उन्होंने कहा कि एक नया डेटा सेंटर क्षेत्र 2026 में चालू हो जाएगा.

नडेला ने कहा, ‘‘हमें बेहद खुशी है कि 2026 में देश के दक्षिण क्षेत्र में हमारा एक नया डिजिटल सेंटर होगा. सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है.’’ उन्होंने एआई के बढ़ते उपयोग के इस युग में डिजिटल संप्रभुता एवं साइबर सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया. नडेला कहा, ‘‘हम संप्रभुता को लेकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि संप्रभुता के लिए विकल्पों का एक व्यापक खंड मौजूद हो. इसलिए आपके पास पब्लिक ‘क्लाउड’ है, पब्लिक क्लाउड में संप्रभु नियंत्रण हैं…’’ उन्होंने चेतावनी दी कि संप्रभुता को सुरक्षा से अलग करके नहीं देखा जा सकता.

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन नडेला ने बताया कि हाल में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई जिन्होंने समाज, अर्थव्यवस्था एवं वृद्धि को गति देने के लिए इस निवेश (17.5 अरब अमेरिकी डॉलर) को लेकर काफी उत्साह दिखाया. उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता उनकी पिछली यात्रा के दौरान घोषित तीन अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अतिरिक्त है. भारत में प्रतिभाओं की उपलब्धता के बारे में नडेला ने कहा कि कंपनी अपने कौशल विकास कार्यक्रमों पर और अधिक ध्यान केंद्रित करेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘ हम अब समूचे भारत में दो करोड़ लोगों को एआई कौशल में प्रशिक्षित करने जा रहे हैं. ’’ नडेला ने साथ ही कहा कि सरकार के ई-श्रम कार्यक्रम जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि एआई असंगठित श्रमिकों का उत्थान कैसे कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत 2030 तक ‘गिटहब’ के साथ दुनिया का अग्रणी समुदाय बनने के लिए तैयार है.’’ ‘गिटहब’ एक वेब-आधारित मंच है जो ‘वर्जन कंट्रोल’ और सहयोग के लिए बनाया गया है. मुख्य रूप से डेवलपर द्वारा सॉफ्टवेयर कोड को ‘स्टोर’ करने, प्रबंधित करने एवं साझा करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है. यह ओपन-सोर्स वर्जन कंट्रोल सिस्टम गिट पर आधारित है. यह उपयोगकर्ता-अनुकूल ग्राफिकल इंटरफेस एवं सहयोग उपकरणों का एक बड़ा विकल्प प्रदान करता है. नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट के मिशन को दोहराते हुए अपनी बात पूरी की.

उन्होंने कहा, ‘‘अंतत?, इसका उद्देश्य भारत में प्रत्येक व्यक्ति एवं प्रत्येक संगठन को अधिक हासिल करने में सक्षम बनाना है. ’’ माइक्रोसॉफ्ट ने बाद में बयान में कहा, कंपनी ने चार प्रमुख आईटी कंपनियों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी के बारे में विस्तार से बताया. इनमें से प्रत्येक कंपनी 50,000 से अधिक माइक्रोसॉफ्ट ‘कोपायलट लाइसेंस’ तैनात करेगी जो सामूहिक रूप से दो लाख लाइसेंसों को पार कर जाएगा और उद्यम-स्तरीय एआई अपनाने के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा.

इसमें कहा गया, ‘‘ माइक्रोसॉफ्ट चार प्रमुख आईटी कंपनियों के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट 365 ‘कोपायलट’ को लागू करेगा और संगठनों के संचालन, नवाचार एवं विस्तार के तरीके को बदल देगा. यह सहयोग उद्यमों को उत्पादकता, दक्षता एवं पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न उद्योगों में एआई-संचालित नवाचार को बढ़ावा देने में सक्षम बना रहा है.’’

माइक्रोसॉफ्ट के भारत एवं दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने कहा, ‘‘ कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो न केवल एआई को अपना रहे हैं बल्कि वे वैश्विक स्तर पर इसकी दिशा तय कर रहे हैं. ये वैश्विक उद्यम प्रयोग से आगे बढक़र पूर्ण पैमाने पर कार्यान्वयन की ओर बढ़ रहे हैं और माइक्रोसॉफ्ट ‘कोपायलट’ को रोजमर्रा के कामकाज का अभिन्न अंग बना रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह साहसिक पहल विश्वसनीय डिजिटल सहयोगियों द्वारा संचालित उद्यम परिवर्तन के एक नए युग को प्रेरित कर रही है. इसका खाका यहीं लिखा जा रहा है जहां गति, व्यापकता एवं प्रभाव मिलकर..संभावनाओं को पुन: परिभाषित करते हैं.’’

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