बजट में मध्यम वर्ग को मामूली कर राहत; रोजगार सृजन, छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन

सीतारमण ने सातवीं बार बजट पेश किया, प्रधानमंत्री ने पास आकर दी बधाई

नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पेश आम बजट में आयकर मोर्चे पर मध्यम वर्ग एवं नौकरीपेशा लोगों को थोड़ी राहत देने और अगले पांच साल में रोजगार सृजन के लिए दो लाख करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों- बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए कई परियोजनाओं का भी ऐलान किया. ये वे दल हैं, जो भाजपा को केंद्र में सत्ता में बने रहने के लिए जरूरी है.

सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने के लिए ग्रामीण असंतोष और बेरोजगारी को जिम्मेदार माना गया है. वहीं आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बजट में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.4 प्रतिशत है.

सीतारमण ने अपना सातवां और नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए स्टार्टअप में सभी श्रेणी के निवेशकों के लिए ‘एंजल कर’ समाप्त करने की घोषणा की. जब कोई गैर-सूचीबद्ध या स्टार्टअप कंपनी शेयर जारी कर पूंजी जुटाती है और उसका मूल्य कंपनी के उपयुक्त बाजार मूल्य से अधिक होता है, तब उस पर ‘एंजल कर’ लगाया जाता है. बजट में तस्करी रोकने के मकसद से मोबाइल फोन एवं सोने पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है. साथ पूंजीगत लाभ कर में उल्लेखनीय बदलाव किया गया है.

हालांकि, वित्त मंत्री ने प्रतिभूतियों के वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाने का प्रस्ताव किया है. इस कदम से शेयर बाजारों में गिरावट आई. वित्त मंत्री ने बिहार के लिए एक्सप्रेसवे, बिजलीघर, हेरिटेज कॉरिडोर और नए हवाई अड्डों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने की घोषणा की. यह घोषणा ऐसे समय की गयी है, जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

बिहार को वित्तीय समर्थन पूंजीगत परियोजनाओं के रूप में है. यह सब्सिडी या नकद सहायता के रूप में नहीं है. राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी जदयू (जनता दल यूनाइटेड) प्रदेश के लिए आर्थिक पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करती रही है. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के लिए बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से वित्तीय सहायता के रूप में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) हाल ही में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुई है.

सीतारमण ने कहा, ”ऐसे समय जब दुनिया में अनिश्चिततताएं हैं, भारत की आर्थिक वृद्धि अपवादस्वरूप आकर्षक बनी हुई है और आने वाले वर्षों में भी ऐसा ही रहेगा.” उन्होंने कहा, ”इस बजट में हम विशेष रूप से रोजगार, कौशल विकास, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.” कुल 48 लाख करोड़ रुपये के बजट में मुख्य रूप से रोजगार, इंटर्नशिप और कौशल योजनाओं पर जोर दिया गया है. इसका मकसद युवा आबादी के लिए रोजगार के रास्ते खोलना है.

वित्त मंत्री ने कहा कि 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसर उपलब्ध कराने की योजनाओं और उपायों के लिए पांच साल की अवधि में दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का निर्धारण किया गया है. उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए मानक कटौती को 50 प्रतिशत बढ़ाकर 75,000 रुपये करने के साथ नई आयकर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाताओं के लिए कर स्लैब में बदलाव किया है. मानक कटौती के तहत आयकर की गणना करने से पहले वर्ष में अर्जित कुल वेतन में से मानक कटौती वाली राशि घाटा दी जाती है.

उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं को नई कर व्यवस्था के तहत सालाना 17,500 रुपये तक की बचत होगी. नई व्यवस्था में कर की दरें कम हैं. हालांकि, इसमें मिलने वाली छूट भी न के बराबर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह बजट भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में ‘उत्प्रेरक’ का काम करेगा तथा विकसित भारत की ठोस नींव भी रखेगा.

उन्होंने कहा, ”यह बजट देश के गांव, गरीब, किसान को समृद्धि की राह पर ले जाने वाला है. यह नौजवानों को अनगिनत नये अवसर देने वाला बजट है. इस बजट से शिक्षा और कौशल को नयी गति मिलेगी. यह मध्यम वर्ग को नयी ताकत देने वाला बजट है. यह जनजातीय समाज, दलित, पिछड़ों को सशक्त करने की मजबूत योजनाओं के साथ आया है.”

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बजट में कंपनियों के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है. इसमें पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महीने के वेतन का भुगतान और रोजगार के पहले चार वर्षों में उनके सेवानिवृत्ति निधि अंशदान के संबंध में नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल के लिए 3,000 रुपये प्रति माह तक का ‘रिम्बर्समेंट’ शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि कौशल में सुधार के साथ छात्रों के लिए इंटर्नशिप के लिए एक कार्यक्रम चलाया जाएगा. उच्च शिक्षा के लिए रियायती कर्ज भी प्रदान किया जाएगा. शहरी क्षेत्रों में भारत की आधिकारिक बेरोजगारी दर 6.7 प्रतिशत आंकी गई है, लेकिन निजी एजेंसियों के मुताबिक इसका स्तर कहीं अधिक है.

सीतारमण ने कहा कि सरकार का राजकोषीय घाटा 2024-25 में जीडीपी का 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह 2024-25 के लिए फरवरी में पेश अंतरिम बजट में अनुमानित 5.1 प्रतिशत से कम है. इसका कारण मजबूत कर संग्रह और भारतीय रिजर्व बैंक से अपेक्षा से अधिक लाभांश प्राप्ति है. उन्होंने सकल बाजार उधारी को मामूली रूप से घटाकर 14.01 लाख करोड़ रुपये कर दिया है.

वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ किफायती आवासों के निर्माण के लिए सहायता, छोटे और मझोले उद्यमों को कर्ज सहायता प्रदान की गई है. इसके अलावा, मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमों के लिए कर्ज सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये, 12 औद्योगिक पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये का उद्यम पूंजी कोष स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है. बजट में उधारियों को छोड़कर कुल प्राप्तियां 32.07 लाख करोड़ और व्यय 48.21 लाख करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है. शुद्ध कर प्राप्ति 25.83 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है.

सीतारमण ने सातवीं बार बजट पेश किया, प्रधानमंत्री ने पास आकर दी बधाई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में अपना सातवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया और जब उन्होंने लाल रंग के बही-खाते जैसे कवर में रखे टैबलेट से अपना बजट भाषण पढ़ा तो आधुनिकता के साथ परंपरा का मिश्रण देखने को मिला. बैंगनी-सुनहरे रंग की किनारी वाली क्रीम रंग की मैसूर सिल्क साड़ी पहने सीतारमण ने अपने बजट भाषण में रोजगार सृजन पर अधिक जोर दिया. इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से बार-बार मेज थपथपाई गई तो विपक्ष की ओर से बीच-बीच में नारेबाजी भी हुई.

सीतारमण ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर बजट भाषण दिया और उनके बिल्कुल पास में स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा बैठे थे. वित्त मंत्री के 83 मिनट के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कम से कम 71 बार मेजें थपथपाकर बजटीय घोषणाओं का स्वागत किया. सीतारमण ने जब बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बड़ी घोषणाओं की जानकारी सदन में दी तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया. बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और आंध्र प्रदेश में सत्तासीन तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) भाजपा नीत राजग के प्रमुख सहयोगी दल हैं.

इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘सरकार को बचाने वाला बजट’ और ‘सरकार बचाओ, कुर्सी बचाओ बजट’ के नारे लगाए. तमिलनाडु और केरल के विपक्षी सदस्यों ने भारी बारिश से प्रभावित दोनों दक्षिणी राज्यों के लिए राहत और पुनर्वास की मांग उठाई. जब सीतारमण ने बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए कुछ घोषणाएं कीं तो द्रमुक और कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्ति जताई. दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई, जहां सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. बजट में रेलवे से संबंधित घोषणाओं या अग्निपथ योजना का कोई उल्लेख नहीं किया गया.

बजट भाषण के दौरान जब तृणमूल कांग्रेस सदस्य सौगत राय और द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन बीच-बीच में टीका-टिप्पणी कर रहे थे तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताते हुए दोनों सांसदों को आगाह किया. लोकसभा में पूर्वाह्न 11 बजे बजट भाषण शुरू होने से कुछ मिनट पहले जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. इस पर विपक्षी सदस्य ‘जय संविधान’ के नारे लगाते सुने गए. बजट भाषण पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वित्त मंत्री सीतारमण के पास आकर उन्हें बधाई दी.

आंध्र प्रदेश से आने वाले केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू और बिहार से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने-अपने राज्यों के लिए बजट में की गई घोषणाओं पर सीतारमण के पास जाकर आभार जताया. नायडू और पासवान को आपस में गले मिलते हुए भी देखा गया. वह एक तरह से आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बजट में की गई घोषणाओं पर खुशी मना रहे थे.

सीतारमण ने जब देश में घरेलू क्रूज का संचालन कर रहीं विदेशी पोत कंपनियों के लिए सरल कर प्रणाली की घोषणा की तो तृणमूल सांसद सौगत राय को कहते सुना गया, ”ये घोषणाएं बड़े लोगों के लिए है.” वित्त मंत्री का बजट भाषण सुनने के लिए लोकसभा की विशेष दर्शक दीर्घाओं में राज्यसभा के कई सदस्य भी बैठे थे. वित्त मंत्री की पुत्री वांग्मयी पराकला और अन्य रिश्तेदार भी दर्शक दीर्घा में बैठे थे. तंजानिया संयुक्त गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष और अंतर संसदीय संघ (आईपीयू) की प्रमुख तूलिया एक्सन ने भी विशेष दीर्घा में बैठकर लोकसभा की कार्यवाही देखी और बजट भाषण सुना.

सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए आर्थिक नीति रूपरेखा लेकर आएगी: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अगली पीढ़ी के सुधारों की शुरुआत करने को एक आर्थिक नीति रूपरेखा लेकर आएगी. चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि ओडिशा को पर्यटन के विकास के लिए केंद्र सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ‘अनुसंधान’ राष्ट्रीय अनुसंधान कोष को क्रियान्वित करेगी. वित्त मंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर में गलियारों के विकास को समर्थन देने का भी प्रस्ताव रखा.

राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण की घोषणा
राज्यों को उनके बुनियादी ढांचे के विकास में मदद के लिए सरकार दीर्घकालिक आधार पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण के जरिये बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए निजी क्षेत्र के निवेश को सुविधाजनक बनाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए मजबूत राजकोषीय समर्थन बनाए रखना है. साथ ही 26,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क संपर्क परियोजनाएं विकसित की जाएंगी. अन्य बातों के अलावा, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे पर गया में औद्योगिक नोड विकसित किया जाएगा. पूंजीगत व्यय 11,11,111 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो सकल घरेलू उत्पाद का 3.4 प्रतिशत है. बजट में 25 ग्रामीण बस्तियों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण को शुरू करने और बाढ़ प्रबंधन एवं संबंधित परियोजनाओं के लिए असम को सहायता प्रदान करने की भी घोषणा की गई है. इस बीच, मंत्री ने कहा कि चुनिंदा शहरों में ‘स्ट्रीट फूड हब’ स्थापित किए जाएंगे.

सरकार ऊर्जा बदलाव पर दस्तावेज लाएगी: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार ऊर्जा बदलाव पर एक दस्तावेज लेकर आएगी. उन्होंने लोकसभा में 2024-25 का बजट पेश करते हुए कहा कि लगातार ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए पंप भंडारण परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए एक नीति लाई जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी और बीएचईएल संयुक्त उद्यम में उच्च दक्षता वाला 800 मेगावाट का अत्याधुनिक तापीय बिजली संयंत्र स्थापित करेंगी. उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को उल्लेखनीय प्रतिक्रिया मिली और इसके तहत 1.8 करोड़ लोगों ने पंजीकरण कराया है.

सरकार 2024-25 में पूंजीगत व्यय के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये कराएगी उपलब्ध
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूंजीगत व्यय के वास्ते 11.11 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी. वित्त वर्ष 2025 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मजबूत राजकोषीय समर्थन बनाए रखने का लक्ष्य रख रही है.

सीतारमण ने कहा कि सरकार 60 संकुल में सूक्ष्म और लघु उद्योगों के निवेश स्तर के ऊर्जा ऑडिट की सुविधा प्रदान करेगी. इसके अलावा सरकार 21,400 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के पीरपैंती में 2,400 मेगावाट बिजली संयंत्र सहित बिजली परियोजनाओं की स्थापना भी करेगी.

विनिवेश, संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने से 50,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान

निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहित कांत पांडेय ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने विनिवेश और संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने के जरिये 50,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा, सरकार ने केंद्रीय लोक उपक्रमों से लाभांश के रूप में 56,260 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. यह अंतिम बजट में जताये गये 48,000 करोड़ रुपये से अधिक है.
बजट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लाभांश 2,32,874 करोड़ रुपये रहेगा. यह अंतरिम बजट अनुमान 1.02 लाख करोड़ रुपये से दोगुने से भी अधिक है.

जल संसाधन, गंगा पुनरुद्धार के लिए बजट आवंटन में 55 प्रतिशत वृद्धि

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार विभाग के लिए आवंटित कुल बजट 30,233.83 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष के 19,516.92 करोड़ रुपये के आवंटन से 55 प्रतिशत अधिक है. वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित बजट में विशेष रूप से प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं और नमामि गंगे मिशन-2 के लिए आवंटन में वृद्धि हुई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट की घोषणा करते हुए कई राज्यों में बाढ़ नियंत्रण उपायों और सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ाने के लिए 11,500 करोड़ रुपये की व्यापक वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की. सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा, ”बिहार लगातार बाढ़ का दंश झेलता रहा है जिनमें से अधिकतर देश के बाहर से आने वाली नदियों की वजह से आती हैं. नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाएं बनाने की योजना अभी आगे नहीं बढ़ी है.” उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र और भारत के बाहर से आने वाली उसकी सहयाक नदियों से हर साल आने वाली बाढ़ से असम प्रभावित रहता है और उसे भी बाढ़ प्रबंधन तथा संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी.

ग्रामीण क्षेत्र के 15 करोड़ घरों तक नल से जलापूर्ति के लिए दिए गए कनेक्शन: सरकार

भारत के 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को नल से जलापूर्ति करने के लिए अबतक कनेक्शन दिए गए हैं. आधिकारिक आंकड़ों में यह खुलासा हुआ. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा, ” इस मील के पत्थर ने न केवल देशवासियों को शुद्ध जल का उपहार दिया है बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार लाया है.” आंकड़ों के मुताबिक 2019 में शुरू जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 77.65 प्रतिशत या 15,00,27,135 घरों तक नल से जलापूर्ति के कनेक्शन दिए गए हैं.

जेजेएम के तहत इस साल के अंत तक सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जलापूर्ति करने के लिए कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है. आंकड़ों के मुताबिक गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, पुडुचेरी, दादरा और नागर हवेली और दमन एवं दीव, अंडमान निकोबार में शत प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल से जल की आपूर्ति करने के लिए कनेक्शन दिए जा चुके हैं.

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में बिजली कंपनियों का निवेश 67,000 करोड़ रुपये पर बरकरार रखा

सरकार ने मंगलवार को पेश बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की आठ बिजली कंपनियों के लिए पूंजी निवेश करीब 14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 67,286.01 करोड़ रुपये पर बरकरार रखा है. इस साल एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में बिजली क्षेत्र की आठ कंपनियों के लिए पूंजीगत व्यय 67,286.01 करोड़ रुपये रखा गया था. जबकि 2023-24 के लिए संशोधित अनुमान के तहत यह 59,119.55 करोड़ रुपये था.

बिजली क्षेत्र की इन आठ कंपनियों का निवेश वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में 60,805.22 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था.
बजट दस्तावेज के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की पावर ग्रिड कॉरपोरेशन का निवेश चालू वित्त वर्ष में 12,250 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. यह संशोधित अनुमान के तहत 2023-24 में 8,800 करोड़ रुपये था. पनबिजली कंपनी एसजेवीएन लि. का निवेश बढ़ाकर 2024-25 के लिए 12,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह 2023-24 में 10,000 करोड़ रुपये था. एनएचपीसी लि. का निवेश 2024-25 में 11,761.87 करोड़ रुपये प्रस्तावित है. बीते वित्त वर्ष 2023-24 के लिए यह 10,857.22 करोड़ रुपये रखा गया था.

पूंजीगत लाभ कर में बदलाव से सरकारी खजाने में 15 हजार करोड़ रुपये का इजाफा: वित्त मंत्रालय
राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने मंगलवार को कहा कि बजट में पूंजीगत लाभ कर की दरों में प्रस्तावित बदलाव से सरकारी खजाने को 15,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलने का अनुमान है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के बजट में पूंजीगत लाभ कर को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव किया. साथ ही प्रतिभूति और अचल संपत्ति समेत विभिन्न संपत्तियों को अपने पास रखने की अवधि को तर्कसंगत बनाया गया है.

दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर के लिए सूचीबद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों को एक वर्ष से अधिक समय तक जबकि असूचीबद्ध वित्तीय परिसंपत्तियों तथा सभी गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों को कम से कम दो वर्षों तक रखना होगा. विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर को घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है. इसमें गैर-सूचीबद्ध बॉन्ड तथा डिबेंचर शामिल नहीं है उसमें मौजूदा स्लैब दरें लागू होंगी.

शेयर पुनर्खरीद पर चुकाई गई राशि को लाभांश माना जाएगा, शेयरधारकों पर लगेगा कर: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एक अक्टूबर से शेयरों की पुनर्खरीद पर शेयरधारकों को मिलने वाले लाभांश के समान कर लगाया जाएगा. यह एक ऐसा कदम जिससे निवेशकों पर कर का बोझ बढ़ जाएगा. इसके अलावा, इन शेयरों को हासिल करने के लिए शेयरधारक जिस राशि का भुगतान करेंगे, उसे उनके पूंजीगत लाभ या हानि की गणना में जोड़ा जाएगा.

सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ”इक्विटी के लिए मैं प्राप्तकर्ता के हाथों में शेयरों की पुनर्खरीद से हुई आय पर कर लगाने का प्रस्ताव करती हूं.” यह प्रस्ताव है कि कंपनियों के शेयरों की पुनर्खरीद से होने वाली आय को प्राप्तकर्ता निवेशक को मिले लाभांश के रूप में मानकर कर लिया जाए. वर्तमान व्यवस्था के तहत इसे कंपनियों को हुई अतिरिक्त आमदनी मानकर इस पर आयकर लगाया जाता है.

आम बजट में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए 1225 करोड़ रुपये आवंटित किए गए

वित्त वर्ष 2024-2025 के आम बजट में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को कुल 1,225.27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान 1,225.01 करोड़ रुपये से 0.02 प्रतिशत मामूली अधिक है. दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बजट में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के जरिए प्रमुख कार्यक्रमों को जारी रखने और विस्तार देने पर जोर दिया गया है.

बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को सर्मिपत है, जिसके तहत इस वित्त वर्ष में 615.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2023-24 के संशोधित बजट में 502 करोड़ रुपये से अधिक है. दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1,225.27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान में यह 1,225.01 करोड़ रुपये था. इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण खरीदने के लिए सहायता की खातिर 315 करोड़ रुपये शामिल हैं. दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना में 130 करोड़ रुपये से 165.00 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.

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