
नई दिल्ली: केंद्र सरकार पेपर लीक और सरकारी परीक्षाओं में नकल रोकने वाले कानून में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित बदलाव में दोषियों की जेल की सजा भी बढ़ाई जा सकती है। अभी अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है।
किस कानून में किए जाएंगे बदलाव?
प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार दोपहर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी। पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में यूपीएससी, एसएससी और एनटीए जैसी सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित गड़बड़ी रोकने का प्रावधान है। इस कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
सरकार क्यों ला रही है नया विधेयक?
नया विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार देर रात की घोषणा के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल शुक्रवार को नकल रोकने वाले कानून को और मजबूत बनाने वाले विधेयक पर चर्चा करेगा और दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा।
संसद में कब पेश होगा नया विधेयक?
प्रधानमंत्री ने आधी रात को सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि चर्चा के आधार पर सोमवार को संसद के मौजूदा सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में विधेयक पेश किया जाएगा और सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेगी।
मंत्रिमंडल में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
मोदी ने कहा, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा के मुद्दे पर कल मंत्रिमंडल में चर्चा होगी और चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले ढाई महीने से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक सरकार का मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि छात्रों का एक साल खराब न हो। इसके लिए सरकार ने पूरी ताकत लगाकर 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया और इसके नतीजे भी जारी कर दिए गए।



