
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में किसानों के आंदोलन की अनदेखी की तथा उनसे किए वादे भी पूरे नहीं किए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि केंद्र में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की सरकार बनने पर ‘किसान न्याय’ उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पिछले 5 वर्षों से हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसानों के आंदोलन को मोदी सरकार ने लगातार अनदेखा किया है. किसानों पर अत्याचार किए गए हैं. अब वे पंजाब और हरियाणा के किसानों को पराली जलाने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) छीनने की बात कह रहे हैं. कांग्रेस पार्टी इस नीति का पुरज़ोर विरोध करती है.” रमेश ने आरोप लगाया कि किसानों से जो वादे किए गए थे वो पूरे नहीं हुए.
उन्होंने कहा, ”आने वाली ‘इंडिया जनबंधन’ की सरकार के लिए किसान न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.” रमेश ने कांग्रेस के ‘पांच न्याय’ और ’25 गारंटी’ का हवाला देते हुए कहा, ”हमने अपने न्याय पत्र में किसानों के लिए 5 ठोस गारंटी दी हैं. सही दाम – एमएसपी की कानूनी गारंटी , स्वामीनाथन फॉर्मूले वाली. कज़र् मुक्ति – क.ज़र् माफ.ी योजना प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्थायी आयोग, बीमा भुगतान का सीधा हस्तांतरण – फ.सल नुक.सान पर 30 दिन के अंदर सीधे खाते में धन अंतरण, उचित आयात-निर्यात नीति – किसानों की सलाह से नई आयात-निर्यात नीति बनेगी. जीएसटी-मुक्त खेती – किसानी के लिए ज़रूरी हर चीज़ से जीएसटी हटेगा.”
प्रधानमंत्री बताएं, हरियाणा बेरोजगारी के मामले में नंबर एक क्यों: कांग्रेस
कांग्रेस ने हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को राज्य से जुड़े कुछ विषयों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि यह प्रदेश बेरोजगारी के मामले में नंबर एक क्यों हैं? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि क्या प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कभी हरियाणा के युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने की कोई योजना बनाई है? रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” बेरोजग़ारी के मामले में हरियाणा नंबर 1 क्यों है?
भाजपा ने हरियाणा में निजी निवेश धीमा क्यों कर दिया है? भिवानी के लोग स्वच्छ पेयजल और उचित सीवरेज के लिए क्यों आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं?” उन्होंने कहा कि ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग द इंडियन इकोनॉमी’ (सीएमआईई) के ताज़ा आंकड़ों के मुताब.कि, भारत में सबसे अधिक बेरोजग़ारी दर हरियाणा में 37.4 प्रतिशत है.
रमेश ने दावा किया, ”यह राष्ट्रीय औसत से काफ.ी अधिक है. बार-बार वादों और घोषणाओं के बावजूद भाजपा सरकार रोजग़ार के स्थाई अवसर उपलब्ध कराने में विफ.ल रही है. पक्की नौकरी के बजाय, वे कौशल रोजग़ार निगम के माध्यम से अस्थायी संविदा नौकरियों को बढ.ावा दे रहे हैं. लगभग दो लाख सरकारी पद ख.ाली पड़े हैं. हाल ही में हिसार दूरदर्शन को बंद करने के फ.ैसले ने बेरोजग़ारी संकट को और बढ.ा दिया है.”



