मोदी ने की कई बैठकों की अध्यक्षता; सार्वजनिक स्थानों पर आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर दिया जोर

नयी दिल्ली. देश में आग लगने की विभिन्न घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भीषण गर्मी और लू के कारण पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की और अस्पतालों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को दुरुस्त करने की जरूरत पर बल दिया. लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान संपन्न होने के अगले ही दिन प्रधानमंत्री ने कई बैठकों की अध्यक्षता की. उन्होंने पूर्वोत्तर के राज्यों में चक्रवात रेमल के कारण पैदा हुई बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और अगली सरकार के 100 दिन के कार्यक्रम के एजेंडे की समीक्षा के लिए एक लंबे मंथन सत्र में भी भाग लिया शनिवार को प्रसारित एग्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की भारी जीत की भविष्यवाणी की गई है. यह पूर्वानुमान यदि नतीजे में परिर्वितत हो जाते हैं तो मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आग की घटनाओं को रोकने और उससे निपटने के लिए नियमित आधार पर उचित अभ्यास किए जाने चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों में ‘फायर लाइन’ के रखरखाव और बायोमास के उपयोग के लिए नियमित अभ्यास की योजना बनाई जानी चाहिए.

बयान में कहा गया है कि इस साल मानसून देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य और सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. एक अन्य आधिकारिक बयान में कहा गया कि चक्रवात रेमल के बाद की स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में मोदी को मिजोरम, असम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा में भूस्खलन और बाढ़ के कारण जानमाल के नुकसान सहित विभिन्न राज्यों में इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई.

प्रधानमंत्री को बताया गया कि कैसे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने लोगों को बचाने, हवाई मार्ग से उन्हें निकालने और सड़क साफ करने का काम चलाया. बयान में कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ नियमित संपर्क में है. बयान के अनुसार, मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार चक्रवात से प्रभावित राज्यों को पूर्ण समर्थन देना जारी रखेगी. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में शीर्ष नौकरशाहों ने इन बैठकों में हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री विश्व पर्यावरण दिवस बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारियों की समीक्षा के लिए भी एक बैठक में शामिल होने वाले हैं. विश्व पर्यावरण दिवस पांच जून को मनाया जाता है. लोकसभा चुनाव शुरू होने से बहुत पहले मोदी ने नयी सरकार के लिये 100 दिन का एजेंडा तैयार करने के वास्ते विभिन्न सरकारी मंत्रालयों को काम सौंपा था. उन्होंने अपनी मंत्रिपरिषद से पहले 100 दिनों के लिए कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है.

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