
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने हरियाणा में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर राहुल गांधी के संवाददाता सम्मेलन के बाद बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का ”मॉडल” साफ है कि जब जनसमर्थन न मिले तो मतदाता सूची ही बदल दो.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राहुल गांधी के संवाददाता सम्मेलन ने भारत के सबसे बड़े चुनावी ‘फ्रॉड (फर्जीवाड़े)’ का पर्दाफाश कर दिया है. हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोटर, भाजपा की पूरी जानकारी और चुनाव आयोग की मूक सहमति से तैयार किए गए.” उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी-शाह का मॉडल साफ है कि जब जनसमर्थन न मिले, तो मतदाता सूची ही बदल दो.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”वही चुनाव आयोग जो नफरत भरे भाषणों पर सोया रहता है, वह असली मतदाताओं को सूची से हटाने और नकली मतदाता जोड़ने में अचानक सक्रिय हो जाता है. यह मतदाता सूची का संशोधन नहीं, यह वोट चोरी है.
राहुल गांधी ने ”वोट चोरी” के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए बुधवार को हरियाणा की मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े सामने रखे और दावा किया कि पिछले साल अक्टूबर में हुए राज्य विधानसभा चुनाव को 25 लाख फर्जी मतों के जरिये चोरी किया गया था.
उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया और कहा कि न सिर्फ हरियाणा की सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वैध रूप से पद पर नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी सरकार में वैध रूप से नहीं हैं. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप ”निराधार” हैं क्योंकि प्रदेश में उनके पार्टी के बूथ एजेंट की ओर से मतदाता सूची के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की गई.
भाजपा-जद (यू) की हार से बिहार में खत्म हो जाएगा पलायन, भ्रष्टाचार और गुंडाराज: कांग्रेस
कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले बुधवार को दावा किया कि यदि मतदाता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (यू) को हरा दें तो प्रदेश में बेरोजग़ारी, पलायन, भ्रष्टाचार और गुंडाराज अपने आप खत्म हो जाएगा. बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीट पर छह नवंबर को मतदान होगा.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”कल छह नवंबर के प्रथम चरण के मतदान से पहले, भाजपा-जद(यू) सरकार द्वारा बीते 20 वर्षों में बिहार के साथ किए गए धोखे, अन्याय और उपेक्षा के इन 20 बिंदुओं पर नज.र ज.रूर डालिए कि कैसे राजग ने अपने सत्ता-स्वार्थ के लिए बिहार के उज्ज्वल भविष्य को अंधकार में धकेल दिया.” उन्होंने दावा किया, ”राज्य में 10 से अधिक भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं लीक हुईं, घोटाले हुए तथा लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ. जब युवा न्याय मांगने सड़कों पर निकले, तो उन्हें बेरहमी से लाठियों से पीटा गया. एक स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि बिहार में 20 से 50 लाख रुपये में पेपर और डिग्री बेची जाती है.” उन्होंने कहा कि राजग सरकार की विफल आर्थिक और रोजगार नीतियों के कारण करोड़ों लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए जाना पड़ा तथा खुद मोदी सरकार के ई-श्रम पोर्टल के अनुसार 3.18 करोड़ बिहारवासी दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं.
रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा-जद(यू) ने बिहार को देश का सबसे निर्धन राज्य बना दिया. उन्होंने दावा किया, ”उद्योग-धंधे चौपट हो गए. जो कुछ उद्योगपति अपने दम पर उद्योग चला रहे हैं, वे भी असुरक्षित हैं. पिछले छह महीनों में 11 उद्योगपतियों की हत्या हुई. बिहार में गुंडाराज और अपहरण उद्योग फल-फूल रहा है. हर दिन औसतन आठ हत्याएं, 33 अपहरण और 136 जघन्य अपराध होते हैं. कैग ने 70,000 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया.” उनका कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के हिसाब से मां गंगा का प्रदूषण बढ़ा है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शराबबंदी की आड़ में अवैध शराब का साम्राज्य खड़ा हो चुका है तथा 2016 से अब तक जहरीली शराब से 190 मौतें हुईं हैं. उन्होंने कहा, ”स्कूली शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. ड्रॉपआउट दर 26 प्रतिशत (देश में सबसे अधिक) है, 1,16,529 स्कूलों में बिजली नहीं है, 2,637 स्कूलों में केवल एक शिक्षक हैं, 117 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं है.” रमेश का कहना है, ”बिहार में किसानों की आमदनी भी एकदम खत्म गई है. कुसुम योजना के तहत किसी को लाभ नहीं मिला, ‘एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड’ के 3,980 करोड़ रुपये में से केवल 915 करोड़ खर्च किए गए. बिहार की बेटियों को माइक्रोफाइनेंस कज.र् के जाल में फंसा दिया गया और वसूली माफ.यिाओं का आतंक बढ़ा है.” उन्होंने कहा, ”बिहार में भाजपा-जद(यू) को हराइए. बेरोजग़ारी, पलायन, भ्रष्टाचार और गुंडाराज अपने आप खत्म हो जाएगा.” भाषा हक



