ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सेना तैनात, रेल सेवाएं प्रभावित

गुवाहाटी: ऊपरी असम में लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्यों में राज्य की एजेंसियों की मदद के लिए सेना के जवानों को तैनात करना पड़ा। वहीं क्षेत्र में रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उन्हें अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है या गंतव्य से पहले रोका गया है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, इस साल आई बाढ़ में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। प्राधिकरण ने बताया कि चराईदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

राज्य के कई चाय बागान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। टी एसोसिएशन आॅफ इंडिया की असम इकाई ने कहा कि नगालैंड से आने वाली नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। संस्था ने बताया कि दोरिका नदी का तटबंध टूटने से स्थिति और खराब हो गई है, जिससे नाजिरा क्षेत्र के चाय बागानों का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि भारी बारिश के कारण उफनती दिखौ नदी ने तिनसुकिया मंडल के तहत शिवसागर जिले के शिमलुगुड़ी शहर को जलमग्न कर दिया है। रेलवे ने कहा, “बाढ़ का पानी स्टेशन यार्ड और रेलवे कॉलोनी में घुस गया है। क्षेत्र में रेलवे ट्रैक भी डूब गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए शिमलुगुड़ी-नामतियाली और शिमलुगुड़ी-सेलेनघाट खंडों में ट्रेनों की आवाजाही अगले आदेश तक निलंबित कर दी गई है।”

डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर रंगिया-रंगपारा मार्ग से बदल दिया गया है, जबकि कई स्थानीय ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल के चार सहयोगी जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित जिलों के सभी सांसदों और विधायकों को तेजी से बदलती स्थिति पर नजर रखने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया पर लिखा, “शिवसागर में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं द्वारा 510 लोगों को बचाया गया है। दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त नौकाओं और सेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती के साथ बचाव कार्य जारी है।”

सीएमओ ने बताया कि चराईदेव के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना की टुकड़ियों को तैनात किया गया है, जबकि प्रभावित निवासियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए राहत उपाय किए जा रहे हैं।

इससे पहले रविवार रात शर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित कई जिलों में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना और वायुसेना को तैयार रहने का अनुरोध किया है। सीएमओ ने कहा कि जोरहाट, चराइदेव और शिवसागर के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ नियंत्रण कार्य जारी हैं। दिखौ नदी के तटबंध पर रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं, दिसांग नदी के किनारे मजबूती के लिए रेत के बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है और नोराकोंवर बैलुंग गांव में झांजी तटबंध पर भी बाढ़ रोधी कार्य जारी है।

इसने बताया कि झांजी नदी का जलस्तर घट रहा है और सुबह की तुलना में इसमें 0.04 मीटर की कमी दर्ज की गई है।
सीएमओ ने कहा कि शिवसागर जल संसाधन संभाग के तहत हाथीघुली ग्राम पंचायत के नोराकोंवर बैलुंग गांव में झांजी तटबंध के दाहिने किनारे के कमजोर हिस्से को मजबूत करने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने शिवसागर और आसपास के जिलों में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा, ”हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बचाव कार्य जारी है और राहत प्रयासों में तेजी सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद मंत्रियों की टीम इसकी निगरानी कर रही है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के अपने प्रयासों को और मजबूत कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने का दृष्टिकोण अपनाया है। अभूतपूर्व बारिश के कारण झांजी, दिखौ और दिसांग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव, डिब्रूगढ़ और आसपास के जिलों में बाढ़ आ गई है।” शर्मा ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों अजंता नियोग, बिमल बोरा, केशब महंत और सुशांत बोरगोहेन को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रत्येक प्रभावित परिवार को समय पर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोरा ने बताया कि वह सोमवार सुबह शिवसागर पहुंचे और शिवसागर तथा चराइदेव के जिला आयुक्तों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की, जहां बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। शर्मा ने कहा कि उन्होंने शिवसागर जिले के सेरेकापोरा क्षेत्र का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।

बोरा ने कहा कि असम सरकार समय पर बचाव, राहत, पुनर्वास और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन ने कहा कि डेमो विधानसभा क्षेत्र के बोकोटा-लाकुवा मंडल के लोनपोरिया और आसपास के गांवों में बाढ़ के कारण प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि आसपास के अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में भी बचाव अभियान जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत ने कहा कि ऊपरी असम में बाढ़ की ताजा स्थिति का आकलन करने और जारी राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए उन्होंने सोमवार सुबह जोरहाट और शिवसागर का दौरा किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने टियोक में स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित स्थानीय लोगों से बातचीत की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button