केरल के मंदिर में उत्सव के दौरान दुर्घटना में 150 से अधिक लोग घायल, SIT करेगी मामले की जांच

कासरगोड. केरल के कासरगोड जिले में नीलेश्वरम के निकट एक मंदिर में तेय्यम नृत्य के दौरान सोमवार देर रात आग लगने से 154 लोग घायल हो गए, जिनमें से आठ की हालत गंभीर है. आग लगने की यह घटना पास ही एक स्थान में रखे पटाखों में विस्फोट के कारण हुई. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कासरगोड जिला पुलिस प्रमुख डी. शिल्पा ने आग लगने की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की है.

जिला प्रशासन ने कहा कि अतिरिक्त संभागीय मजिस्ट्रेट को घटना की अलग से जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि यह घटना कासरगोड जिले में नीलेश्वरम के पास अंजुत्तनबलम वीरेरकावु मंदिर में हुई. नीलेश्वरम पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”इस घटना के संबंध में आठ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है.” पुलिस ने आशंका जताई कि सुरक्षा नियमों एवं दिशानिर्देशों का पालन किए बिना ही आतिशबाजी की गई थी.

पुलिस ने पहले कहा था कि जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है वे सभी मंदिर समिति के सदस्य हैं, लेकिन बाद में उसने स्पष्ट किया कि उनमें से एक स्थानीय व्यक्ति है जो पटाखे जला रहा था. यह घटना ऐसे समय में हुई, जब मंदिर में तेय्यम देखने के लिए महिलाओं और बच्चों समेत सैकड़ों लोग जमा हुए थे. तेय्यम केरल के मालाबार (उत्तरी केरल) क्षेत्र के मंदिरों और ‘कावु’ (पवित्र उपवनों) में आयोजित किया जाने वाला सदियों पुराना अनुष्ठान है.

जिलाधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोग 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, पटाखे रखने की जगह और पटाखे जलाने की जगह बेहद नजदीक थी. जिलाधिकारी ने कहा, ”सुरक्षा संबंधी सावधानी नहीं बरती गई. दोनों स्थानों के बीच कम से कम 100 मीटर की दूरी बनाए रखने की आवश्यकता का पालन नहीं किया गया. पटाखों के भंडारण के लिए भी कोई अनुमति नहीं ली गई.” आधिकारिक अद्यतन जानकारी के अनुसार, गहन चिकित्सा में भर्ती कुल 21 लोगों में से सात वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और एक व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर है.

पुलिस के अनुसार घटना में 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें से करीब 102 लोगों का कासरगोड, कन्नूर और कोझिकोड जिलों में और पड़ोसी कर्नाटक के मंगलुरु जिले में विभिन्न अस्पतालों में उपचार हो रहा है. मोबाइल फोन पर फुटेज, टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित तस्वीरों में मंदिर परिसर में धमाके की आवाज सुनाई देती है और आग का गोला उठते हुए तथा वहां जमा असहाय भीड़ दहशत में इधर उधर भागते दिख रही है. प्रत्यक्षर्दिशयों ने आशंका जताई कि घटना संभवत: मंदिर परिसर में एक ‘शेड’ में पटाखों के भंडार में दुर्घटनावश आग लग जाने के कारण हुई.

फुटेज में मंदिर के एक तरफ लोगों की भीड़ देखी जा सकती है, जिनके बीच लाल पोशाक पहने एक तेय्यम कलाकार नृत्य कर रहा है.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक विस्फोट की आवाज सुनाई दी और मंदिर के दूसरी ओर आग की बड़ी बड़ी लपटें तथा धुआं उठता दिखाई दिया. इन तस्वीरों में महिलाओं और बच्चों सहित लोग इधर-उधर भागते दिखे. पीड़ितों में से कई ने कहा कि वे अब भी सदमे से उबर नहीं पाए हैं.

एक युवक ने मंगलवार को टीवी चैनलों को बताया, ”हम तेय्यम देख रहे थे…अचानक धमाके की तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही दूरी पर आग की लपटें उठती दिखीं. हम सुरक्षित स्थान की ओर भागे.” अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यह सब कुछ ही पलों में हुआ और घटना के कारण मची भगदड़ में कई लोगों को चोटें आईं. एक अन्य व्यक्ति ने चौंकाने वाली बात बताई कि जिस ‘शेड’ में पटाखे रखे गए थे, उसके पास भारी भीड़ मौजूद थी.

उन्होंने कहा, ”बड़ी संख्या में लोग ‘शेड’ के पास मौजूद थे. विस्फोट के समय उनके लिए वहां से भागना बहुत मुश्किल था.” एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि पटाखे जलाए जाने से निकली चिंगारी संभवत: ‘शेड’ में गिरी और वहां रखे पटाखों के ढेर में आग लग गई.
मामूली रूप से घायल हुए एक युवक ने बताया कि पटाखे जलाने वालों ने लोगों की बार-बार दी गई उस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया कि वे शेड के पास पटाखे न जलाए.

लोकसभा सदस्य राजमोहन उन्नीथन ने बताया कि कल रात मंदिर में अनुष्ठान में करीब 1,500 लोगों ने हिस्सा लिया. उन्होंने टीवी चैनलों से कहा, ”मंदिर में मंगलवार को होने वाले अनुष्ठान में 10,000 से अधिक लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद थी. अगर यह दुर्घटना आज हुई होती, तो इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है?” इस बीच, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि वह पटाखों के कारण हुई दुर्घटना की खबर से व्यथित हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी संवेदनाएं एवं प्रार्थनाएं इस घटना में घायल हुए लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं. उन्होंने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ”राहत प्रयासों में जुटने और उनमें मदद करने” का आग्रह किया. प्रियंका ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”कासरगोड में आतिशबाजी के दौरान हुई दुर्घटना से मैं बहुत व्यथित हूं. इस दुर्घटना में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर है. इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं. मैं कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह करती हूं कि वे राहत कार्यों में जुट जाएं और पूरे मन से इन कार्यों में सहयोग करें. प्रभावित हुए सभी लोगों के शीघ्र और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करती हूं.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button