छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगी आवास निर्माण की मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में जरूरतमंद परिवारों के हित में बड़ा निर्णय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की प्रथम बैठक में राज्य के ग्रामीण अंचल के आवासहीन के लिए अहम फैसला लिया गया. राज्य में 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद पविारों को तत्परता से आवास की स्वीकृति देने के साथ ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा मौजूद थे.

केबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची के पात्र शेष परिवारों (6,99,439) एवं आवास प्लस सूची के पात्र परिवारों (8,19,999) की स्वीकृति की जायेगी. योजना के तहत निर्माणाधीन 2,46,215 आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा. राज्य में प्रधामंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कुल 17,65,653 आवास एवं अन्य 47,090 आवास कुल 18,12,743 जरुरतमंद पात्र परिवारो को तत्परता से स्वीकृति देने के साथ ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी. बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा मौजूद थे.

बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में साय ने कहा, ”मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 18,12,743 जरूरतमंद परिवारों को घर स्वीकृत करने और आवश्यक धनराशि प्रदान करने का निर्णय लिया है. हमने अपनी पहली कैबिनेट में यही फैसला लिया है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार राज्य में इस योजना को लागू करने में विफल रही जिसके परिणामस्वरूप ये परिवार पक्के मकानों से वंचित रहे.

साय ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है. उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार अगले पांच वर्षों में चुनावी वादों को शत-प्रतिशत पूरा करेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर दो साल के लिए धान खरीद का बोनस, जो पिछली भाजपा सरकार (2013-2018) के दौरान लंबित था, किसानों को दिया जाएगा.

नक्सलवाद से निपटने के लिए उनके सरकार की नीति के बारे में पूछे जाने पर साय ने कहा, “15 सालों में (2003 से 2018 तक भाजपा सरकार का जिक्र करते हुए) हमने नक्सलवाद से दृढ़ता से निपटा है और भविष्य में भी हम इस खतरे के खिलाफ मजबूती से लड़ते रहेंगे.” आदिवासियों के कथित धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर वोट बैंक के लिए धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार इस बात का पता लगाएगी कि ऐसी गतिविधियों पर कैसे अंकुश लगाया जाए.

यह पूछे जाने पर कि उनकी सरकार राज्य में भाजपा के चुनाव पूर्व किए गए वादों को कैसे लागू करेगी, साय ने कहा, “अब हमारे पास ‘डबल इंजन’ सरकार (केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार) है और यह तेजी से आगे बढ़ेगी.” पिछली भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार में हुए कथित घोटालों के मामलों में कार्रवाई के भाजपा के वादे पर साय ने कहा कि वे घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करेंगे.
संवाददाता सम्मेलन में साव के साथ शर्मा भी मौजूद थे.

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