
देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चीड़वासा हेलीपैड के समीप भूस्खलन से प्रभावित केदारनाथ पैदल मार्ग से बचाव एवं राहत दलों की निगरानी में मंगलवार को 150 अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बचाव दलों की निगरानी में अब तक कुल 7,350 श्रद्धालुओं को भूस्खलन प्रभावित रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से रुकी केदारनाथ यात्रा को बहाल करने के लिए मार्ग पर जमा मलबे और पत्थरों को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की यहां जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार पूर्वाह्न सवा 10 बजे तक केदारनाथ धाम में दर्शन के बाद लौट रहे 150 अन्य श्रद्धालुओं को चीड़वासा से सुरक्षित निकाल लिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कुल 7,350 श्रद्धालुओं को बचाव दल सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे हैं। केंद्र ने बताया कि सोमवार शाम तक 7,200 तीर्थयात्रियों और 1,200 खच्चरों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से निकाला गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीड़वासा हेलीपैड के समीप रविवार को बोल्डर, पत्थर और मलबा गिरने से क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, पुलिसकर्मी, लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा राहत बल के र्किमयों की निगरानी में सुरक्षा का ध्यान रखते हुए श्रमिक मार्ग खोलने के काम में युद्धस्तर पर जुटे हैं।पुलि स ने बताया कि केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को अभी इंतजार करना होगा, क्योंकि रास्ते से मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दर्शन के लिए आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
केदारनाथ दर्शन के लिए पैदल जाने वाले श्रद्धालु रविवार से सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रुके हुए हैं। इससे पहले, भूस्खलन के बाद पैदल मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग साफ करने में भी दिक्कतें आ रही थीं, जिसकी वजह से तीर्थयात्रियों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के दोनों तरफ विभिन्न पड़ावों पर रोक लिया गया था।
सोमवार सुबह मौसम अनुकूल होने के बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों की निगरानी में केदारनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं को प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित रास्ता पार कराया गया। पुलिस ने श्रद्धालुओं से मार्ग बहाल होने तक धैर्य बनाए रखने और पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।



