एमयूडीए मामला: लोकायुक्त पुलिस के समक्ष सिद्धरमैया की पेशी के बाद भाजपा ने उनसे इस्तीफा मांगा

मैसुरु: कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जो मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) स्थल आवंटन मामले में पूछताछ के लिए जारी समन के जवाब में लोकायुक्त पुलिस के समक्ष पेश हुए।

भाजपा विधायक टी. एस. श्रीवत्स के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सिद्धरमैया की आलोचना की और उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने तथा जांच का सामना करने को कहा। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए सिद्धरमैया के खिलाफ निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है।

लोकायुक्त जांच के तरीके पर संदेह व्यक्त करते हुए श्रीवत्स ने मांग की कि मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें प्रदर्शन करने नहीं दे रही है। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वाहनों में भरकर वहां से हटा दिया।

लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोपी संख्या एक के रूप में नामित मुख्यमंत्री एमयूडीए द्वारा उनकी पत्नी पार्वती बी. एम़ को 14 स्थलों का आवंटन किए जाने में अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
लोकायुक्त पुलिस ने 25 अक्टूबर को उनकी पत्नी से पूछताछ की थी, जिन्हें आरोपी संख्या दो बनाया गया है।

सिद्धरमैया, उनकी पत्नी, उनके साले मल्लिकार्जुन स्वामी और देवराजू (जिनसे स्वामी ने जमीन खरीदकर पार्वती को उपहार में दी थी) तथा अन्य के नाम मैसूर स्थित लोकायुक्त पुलिस द्वारा 27 सितंबर को दर्ज की गई प्राथमिकी में शामिल है। स्वामी और देवराजू पहले ही लोकायुक्त पुलिस के समक्ष पेश हो चुके हैं।

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