नेशनल हेराल्ड मामले का लक्ष्य कांग्रेस को डराना-धमकाना है: खरगे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Apr 2025 07:50 PM
नेशनल हेराल्ड मामले का लक्ष्य कांग्रेस को डराना-धमकाना है: खरगे
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बक्सर/चेन्नई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेताओं को फंसाकर उनकी पार्टी को डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है. वक्फ मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि अधिनियम में हालिया संशोधन लोगों को बांटने की ‘भाजपा-आरएसएस की साजिश’ का हिस्सा है.

खरगे ने यहां डलसागर स्टेडियम में पार्टी की ‘जय बापू, जय भीम और जय संविधान’ रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे हमारे नेताओं को फंसाकर कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रही है.” उन्होंने कहा, ”हम किसी से नहीं डरते हैं और न ही किसी के सामने झुकेंगे. केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने मामले में तलाशी ली, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला. हमारे नेता डरे हुए नहीं हैं. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे हमारे नेताओं ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी.” खरगे ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने ब्रिटिश शासन के दौरान ‘नेशनल हेराल्ड’ और ‘कौमी आवाज’ अखबार शुरू किए थे.

उन्होंने आरोप लगाया, ”इन समाचार पत्रों को शुरू करने का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनता के बीच जागरूकता पैदा करना था ताकि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लोगों की आवाज बुलंद की जा सके. दूसरी ओर, आरएसएस नेता अंग्रेजों के एजेंट थे और उनके लिए काम कर रहे थे. लेकिन अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे पार्टी की रीढ़ हैं. सीबीआई, ईडी और आईटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है.” प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में धनशोधन के आरोप में कांग्रेस नेताओं-सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा समाज के ‘कमजोर वर्गों के कल्याण के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने दावा किया, ”वे (आरएसएस-भाजपा) समाज की बेहतरी के बारे में नहीं सोच सकते. वे जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने में विश्वास करते हैं. संसद से पारित किया गया वक्फ संशोधन अधिनियम समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की भाजपा और आरएसएस की साजिश है.” केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”मोदी जी और अन्य भाजपा नेता केवल हिंदू-मुस्लिम की बात करते हैं एवं लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने की कोशिश करते हैं.”

उन्होंने कहा, ”महात्मा गांधी के आदर्श और डॉ बी आर आंबेडकर के सिद्धांत हमारी विचारधारा का आधार हैं एवं इन्हीं से हमें शक्ति मिलती है. इसी शक्ति के साथ हम अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और नफरत की विचारधारा को हराएंगे.” कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्तारूढ़ गठबंधन को रविवार को ‘अवसरवादी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल ‘कुर्सी’ के लिए पाला बदलते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ”नीतीश कुमार और भाजपा के बीच गठबंधन अवसरवादी है. यह राज्य के लोगों के लिए अच्छा नहीं है. उन्होंने सिर्फ ‘कुर्सी’ (मुख्यमंत्री पद) के लिए पाला बदला है. ” उन्होंने यह भी आरोप लगाया, ”जदयू प्रमुख ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा से हाथ मिला लिया है. भाजपा जदयू गठबंधन केवल सत्ता साझा करने के लिए बना है, उसे बिहार के विकास से कोई चिंता नहीं है.” उन्होंने सवाल किया कि बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के प्रधानमंत्री मोदी के वादे का क्या हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ”झूठ की फैक्टरी” चला रहे हैं.

खरगे ने दावा किया,” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 अगस्त 2015 को बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ? क्या नीतीश कुमार को वह मिला? बिहार के विशेष दर्जे के वादे का क्या हुआ?” उन्होंने आरोप लगाया, ” नीतीश कुमार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए. मोदीजी सिर्फ झूठ बोलते हैं. वह झूठ की फैक्टरी चला रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को सत्ता से बाहर किया जाए. उन्होंने कहा,”लोगों को इस साल के उत्तरार्ध में होने वाले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के दलों के पक्ष में वोट डालना चाहिए.”

सोनिया और राहुल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई ‘शर्मनाक’ राजनीतिक प्रतिशोध: द्रमुक
‘इंडिया’ गठबंधन के प्रमुख घटक दल एम के स्टालिन की अगुवाई वाली द्रमुक ने रविवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने को लेकर भाजपा की आलोचना की और इसे ‘अस्वीकार्य’ तथा ‘शर्मनाक’ प्रतिशोध बताया.

द्रमुक कोषाध्यक्ष और संसदीय दल के नेता टीआर बालू ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कांग्रेस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित जांच एजेंसियों को “छोड़ने” का आरोप लगाया, क्योंकि वह विभिन्न दलों को एकजुट करके वक्फ सहित मुद्दों पर भाजपा का विरोध कर रही थी.

बालू ने यहां पार्टी के एक बयान में कहा, “द्रमुक की ओर से मैं भाजपा के राजनीतिक प्रतिशोध के कारण नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी द्वारा आरोपपत्र दायर करने की कड़ी निंदा करता हूं.” बालू ने कहा, “वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का अडिग रहना और विपक्षी दलों को इसके खिलाफ वोट देने के लिए तैयार करना भाजपा सरकार को रास नहीं आया है. उसे डर है कि कांग्रेस केंद्र सरकार की जनविरोधी पहलों और उसकी विफलताओं को लोगों के बीच ले जाएगी. यही कारण है कि ईडी कांग्रेस पार्टी को घेर रही है और उसके नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी नहीं बख्श रही है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस से राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में असमर्थ भाजपा सरकार ईडी और अन्य एजेंसियों को “छोड़ रही है” जो “न केवल घृणित है बल्कि शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध है जो किसी को भी स्वीकार्य नहीं है.”

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