महाराष्ट्र सरकार में शामिल होना राजनीतिक स्थिरता के लिए राकांपा का सामूहिक निर्णय: प्रफुल्ल पटेल

मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि महाराष्ट्र की शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने का निर्णय सामूहिक है जो पार्टी द्वारा राजनीतिक स्थिरता प्रदान करने और राज्य एवं देश का विकास सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.

पटेल ने पत्रकारों से बातचीत में विपक्षी दलों की पटना बैठक का जिक्र करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा.  यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार को धोखा दिया है, पटेल ने अपनी कार का शीशा चढ़ा लिया और बिना जवाब दिए चले गए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में शामिल होने का निर्णय महाराष्ट्र और देश के कल्याण एवं विकास के लिए लिया गया है.

पटेल ने संवाददाताओं से कहा, “देश ने पिछले नौ वर्षों में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रगति की है. मैं विपक्षी दलों की बैठक के लिए पटना गया था. मैंने देखा कि वहां क्या हुआ. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में इस बात को लेकर भ्रम में है कि राहुल गांधी नेता हैं या नहीं. हमें नहीं पता कि उस पार्टी को कौन चलाता है.” अजित पवार का समर्थन करने वाले विधायकों की सटीक संख्या के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने दावा किया कि पूरी पार्टी (53 विधायक) एक साथ है.

अपने चाचा शरद पवार को बड़ा झटका देते हुए अजित पवार ने रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में तथा राकांपा के आठ अन्य विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली. पटेल ने अजित पवार की बात दोहराते हुए कहा, “अगर राकांपा शिवसेना के साथ गठबंधन कर सकती है तो भाजपा के साथ क्यों नहीं? कोई वैचारिक मतभेद नहीं हैं.” उन्होंने कहा, ”हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं है. पार्टी में मुझे जो कुछ मिला, उसके लिए मैं राकांपा और पवार साहब का आभारी हूं.”

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