
नयी दिल्ली. गठबंधन सरकार के मुखिया के तौर पर लगातार तीसरी बार शपथ लेने की तैयारी कर रहे निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता की जिन्होंने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुन लिया.
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बैठक में भाग लेने के बाद कहा कि राजग सांसद मोदी को औपचारिक रूप से अपना नेता चुनने के लिए सात जून को एक और बैठक करेंगे तथा इसके बाद गठबंधन के नेता राष्ट्रपति के पास जाकर उन्हें अपना समर्थन पत्र सौंपेंगे.
कुछ सूत्रों ने कहा कि नई सरकार सप्ताहांत में शपथ ले सकती है. उनका मानना है कि सरकार गठन की औपचारिकताओं को जल्दी से पूरा किया जाना चाहिए ताकि अनिश्चितता का कोई माहौल ना बने और विपक्षी गठबंधन को कोई मौका ना मिले. माना जा रहा है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों में मंत्रालयों व विभागों के बंटवारे के साथ अन्य मुद्दों पर सहमति बनते ही शपथ ग्रहण का समय तय कर लिया जाएगा.
बैठक में मोदी और भाजपा के अमित शाह, राजनाथ सिंह और जे पी नड्डा के अलावा तेदेपा नेता एन चंद्रबाबू नायडू, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, लोजपा (आर) नेता चिराग पासवान, जद (एस) नेता एच डी कुमारवामी, जन सेना के पवन कल्याण, अगप के अतुल बोरा और राकांपा के प्रफुल्ल पटेल समेत 16 दलों के 21 नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक में मौजूद जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार गठन से संबंधित औपचारिकताएं जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि सभी दलों को मोदी के नेतृत्व में भरोसा है.
बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया है कि राजग सरकार देश की विरासत को संरक्षित करते हुए सर्वांगीण विकास के साथ लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए काम करना जारी रखेगी. इसमें कहा गया, ”हम सभी को गर्व है कि राजग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. हम राजग के सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से नरेन्द्र मोदी को अपना नेता चुना है.” प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि लोगों ने मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार की कल्याणकारी नीतियों के कारण पिछले 10 वर्षों में देश को हर क्षेत्र में विकसित होते देखा है.
राजग ने लोकसभा चुनाव में 293 सीटें जीती हैं जो 543 सदस्यीय सदन में बहुमत के 272 के आंकड़े से अधिक है. इससे मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का मार्ग प्रशस्त हुआ. सरकार बनाने में भाजपा भले ही सफल हो जाए लेकिन इस बार उसके लिए परिस्थिति भिन्न होगी क्योंकि मोदी के पिछले दो कार्यकाल में पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया था लेकिन इस बार वह जादुई आंकड़े से दूर रह गई है. लिहाजा सुचारू रूप से सरकार चलाने के लिए उसे अपने सहयोगियों पर निर्भर रहना होगा, खासकर नीतीश कुमार और नायडू की पार्टी पर.
बैठक की मेजबानी करते हुए, भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ सामूहिक नेतृत्व की तस्वीर पेश की, जिसमें नायडू, कुमार और शिंदे मोदी के बाईं ओर बैठे थे, जबकि नड्डा, सिंह और शाह उनके दाईं ओर थे. संख्या के लिहाज से नायडू, कुमार और शिंदे इस क्रम में भाजपा के बाद राजग के तीन सबसे बड़े घटक हैं. कुमार और नायडू की पार्टियों को कुल मिलाकर 28 सांसदों का समर्थन हासिल है लेकिन उन्होंने उनके भविष्य के कदमों को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज कर दिया है. नायडू ने भाजपा को अपना समर्थन दोहराया है, जैसा कि जद (यू) के झा ने भी दोहराया है.
एक संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजग में हैं, नायडू ने पलटकर जवाब दिया, “हमने एक साथ चुनाव लड़ा था. आप संदेह क्यों करते हैं.” बैठक में शामिल सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री को उनके नेतृत्व और उनके नेतृत्व में देश द्वारा की गई प्रगति के लिए बधाई दी और राष्ट्र निर्माण में प्रधानमंत्री की कड़ी मेहनत और प्रयासों की सराहना की. मोदी ने बैठक में कहा कि यह राजग की लगातार तीसरी सरकार के लिए ऐतिहासिक जनादेश है. देश में ऐसा जनादेश 60 साल पहले मिला था.
उनके सहयोगियों ने ‘विकसित भारत’ के मोदी के स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए उनकी सराहना की और जोर देकर कहा कि वे इस लक्ष्य में भागीदार बनकर काम करने को उत्सुक हैं. उन्होंने गरीबी उन्मूलन की दिशा में उनके प्रयासों के अलावा दुनिया में भारत का गौरव बढ.ाने के लिए भी उनकी प्रशंसा की और अच्छे काम को जारी रखने का संकल्प लिया.



