
पुणे. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भविष्य में होने वाले युद्ध काफी संघर्षपूर्ण और जटिल होंगे. उन्होंने साथ ही कहा कि इस तरह के परिदृश्य में पारंपरिक युद्ध को लेकर सुधार और नये रूप में खाका तैयार करने की आवश्यकता है. वायुसेना प्रमुख (सीएएस) यहां सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने हवाई और मानव रहित प्लेटफॉर्म, सेंसर, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों समेत क्षेत्र में हवाई श्रेष्ठता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और प्लेटफार्मों को प्राप्त करने के महत्व पर प्रकाश डाला. चौधरी ने बेहतर तरीके से प्रशिक्षित र्किमयों के महत्व और प्रौद्योगिकी-संचालित युद्धक्षेत्र की जटिलताओं के बारे में बात की. उन्होंने दक्षता में सुधार के लिए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और बड़े डेटा विश्लेषण के जरिये अपने परिचालन, रखरखाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को स्वचालित करने की दिशा में वायु सेना द्वारा उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की.
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता, आपदा राहत और संघर्ष क्षेत्रों से भारतीय प्रवासियों को निकालने में बल द्वारा निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में भारतीय वायुसेना के योगदान के बारे में भी बात की.



