
काठमांडू. धौलागिरी पर्वत पर लापता हुए पांच रूसी पर्वतारोही मंगलवार को सात हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर मृत पाए गए.
खोज एवं बचाव अभियान में शामिल हेली एवरेस्ट के उपाध्यक्ष मिंगमा शेरपा के अनुसार, पांचों रूसी पर्वतारोही नेपाल के शरदकालीन पर्वतारोहण सत्र के दौरान रविवार को विश्व की सातवीं सबसे ऊंची चोटी को फतह करने का लक्ष्य लेकर चल रहे थे. पर्वतारोहियों की पहचान अलेक्जेंडर दुशेको, ओलेग क्रुग्लोव, व्लादिमीर चिस्तिकोव, मिखाइल नोसेंको और दिमित्री शपीलेवोई के रूप में हुई है.
सुबह छह बजे उच्च शिविर से रवाना होने के बाद शिखर पर चढ़ाई के प्रयास के दौरान इनका आधार शिविर से संपर्क टूट गया था.
शेरपा ने ‘पीटीआई’ को बताया कि वे सभी एक रस्सी के सहारे 8,167 मीटर ऊंची चोटी की ओर बढ़ रहे थे और इस दौरान लापता हो गए. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर की मदद से 7,700 मीटर की ऊंचाई पर शवों को ढूंढा गया.
नेपाल पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश गुरुंग ने बताया कि खराब मौसम के कारण सोमवार को बचाव कार्य को अंजाम नहीं दिया जा सका. उन्होंने बताया कि एक अन्य रूसी पर्वतारोही को हेलीकॉप्टर द्वारा आधार शिविर से बचाया गया. शवों को माउंट धौलागिरी से नीचे कब और कैसे लाया जाएगा, यह अभी तय नहीं हो सका है. इस बीच, 23 वर्षीय पोलैंड के पर्यटक सोविन्स्का अग्निस्का की सोमवार रात उत्तरी नेपाल में रसुवा और नुवाकोट जिलों की सीमा पर स्थित सूर्यकुंडा क्षेत्र में ‘ट्रेकिंग’ के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि ऊंचाई संबंधी दिक्कतों के कारण उसकी मौत हो गई.



