‘न्यूजक्लिक’ मामला : अदालत ने जांच पूरी करने के लिए पुलिस को 60 और दिन का समय दिया

नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज मामले में जांच पूरी करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को 60 और दिन का समय दिया है. ‘न्यूजक्लिक’ पर भारत में चीन के समर्थन में प्रचार करने के लिये धन लेने का आरोप है. विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर ने समाचार पोर्टल के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ एवं पोर्टल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत भी 20 जनवरी तक बढ.ा दी है.

अदालत ने यह आदेश दिल्ली पुलिस की एक याचिका पर दिया, जिसमें जांच पूरी करने के लिए और समय दिए जाने का अनुरोध किया गया था. याचिका में अनुरोध किया गया था कि सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) जैसे विशेष कानूनों के तहत जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी के दिन से 180 दिन का अधिकतम अनुमेय समय दिया जाए. कानून के मुताबिक, अगर कोई जांच एजेंसी निर्धारित समय में अपनी जांच पूरी नहीं कर पाती है तो हिरासत में लिए गए आरोपी को जमानत का वैधानिक अधिकार मिल जाता है.

याचिका में कहा गया है कि इस मामले में दस्तावेज और अन्य सबूत बड़े पैमाने पर हैं और एजेंसी को जांच के तहत दिल्ली के बाहर कई स्थानों की यात्रा करनी होगी, समय लगने की संभावना है. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. प्राथमिकी के अनुसार “भारत की संप्रभुता को बाधित करने” और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए न्यूज पोर्टल को चीन से बड़ी रकम मिली थी.

इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) नामक एक समूह के साथ साजिश रची. पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में नामजद संदिग्धों और आंकड़ों के विश्लेषण के दौरान सामने आए नामों को लेकर तीन अक्टूबर को दिल्ली में 88 और अन्य राज्यों में सात स्थानों पर छापे मारे गए थे. पुलिस ने ‘न्यूजक्लिक’ के कार्यालयों और विभिन्न पत्रकारों के आवासों से करीब 300 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी जब्त किए थे.

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