
पटना. राजनीतिक रणनीतिकार से सियासतदां बने प्रशांत किशोर ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए उनपर चार “सेवानिवृत्त नौकरशाहों” के माध्यम अपनी सरकार चलाने का आरोप लगाया. अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी गठित करने से तीन दिन पहले यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किशोर ने जद(यू) अध्यक्ष कुमार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव ‘तीन एस’ यानी ‘शराब’, ‘सर्वे’ (भूमि) और ‘स्मार्ट मीटर’ के मुद्दे पर लड़ा जाएगा. किशोर ने कहा कि ये मुद्दे “मौजूदा शासन के ताबूत में अंतिम कील” साबित होंगे.
किशोर ने आरोप लगाया, “नीतीश कुमार सरकार चार सेवानिवृत्त नौकरशाहों द्वारा चलाई जा रही है. मुख्यमंत्री इन बाबुओं के चंगुल में हैं. न तो कुमार और न ही ये नौकरशाह लोगों की समस्याओं से अवगत हैं. कुमार अब बदल गए हैं. उन्होंने अपनी नैतिकता खो दी है और वह केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने में रुचि रखते हैं.” उनकी ‘जन सुराज’ पहल दो अक्टूबर को एक राजनीतिक पार्टी बन जाएगी.
किशोर ने कहा, “जब हम 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में सरकार बनाएंगे, तो हम एक घंटे के भीतर शराबबंदी खत्म कर देंगे.” उन्होंने कहा, “शराबबंदी सिर्फ कागजों में है. ज.मीनी हकीकत यह है कि शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है, लेकिन ‘होम डिलीवरी’ धड़ल्ले से चल रही है.” किशोर ने कहा कि जन सुराज शुरू से ही शराबबंदी के खिलाफ रहा है, क्योंकि “राज्य में मौजूदा शराबबंदी कानून ‘फर्जी’ है… हर साल 20,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. शराब माफिया और अधिकारी अवैध व्यापार से पैसा कमा रहे हैं.” जन सुराज प्रमुख ने कहा, “महिलाओं का वोट मिले या न मिले, मैं शराबबंदी के खिलाफ बोलता रहूंगा, क्योंकि यह बिहार के हित में नहीं है.”



