ओडिशा: 95 प्रतिशत झुलसी छात्रा मौत से जूझ रही, मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की

ओडिशा: खुद को आग लगाने वाली छात्रा की हालत 'गंभीर', डायलिसिस शुरू

भुवनेश्वर/नयी दिल्ली. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि सरकार बालासोर स्थित कॉलेज परिसर में कथित यौन उत्पीड़न के बाद खुद को आग लगाने वाली 20 वर्षीय छात्रा के लिए ”बेहतर इलाज” सुनिश्चित कर रही है. स्थानीय एम्स में भर्ती छात्रा 95 प्रतिशत तक झुलस जाने के कारण वेंटिलेटर पर है और अस्पताल प्रशासन ने उसकी हालत को ”बेहद गंभीर” बताया है.

माझी रविवार को हवाई अड्डे पर पहुंचते ही एम्स भुवनेश्वर पहुंचे और डॉक्टरों तथा पीड़िता के परिवार के सदस्यों से बात की. माझी दिल्ली के दौरे पर गये थे. भुवनेश्वर स्थित एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ”पीड़िता के शरीर का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया है. उसके गुर्दे और फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं. वह वर्तमान में आईसीयू में है.ह्व बिस्वास ने बताया कि कई विभागों के चिकित्सक छात्रा के इलाज में लगे हुए हैं. अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि सुधार के कोई संकेत नहीं हैं.

अस्पताल ने एनेस्थीसिया, ‘पल्मोनरी मेडिसिन’, ‘बर्न एंड प्लास्टिक’, ‘नेफ्रोलॉजी’ और अन्य विभागों के चिकित्सकों की आठ-सदस्यीय एक विशेषज्ञ समिति गठित की है. समिति को आवश्यकतानुसार, किसी भी अतिरिक्त विशेषज्ञ को शामिल करने का अधिकार है. राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए रविवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा.

आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने ओडिशा के डीजीपी से ”निष्पक्ष और समयबद्ध” तरीके से जांच सुनिश्चित करने को कहा है. ओडिशा की दो मुख्य विपक्षी पार्टियां बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने माझी तथा राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के आवास के निकट प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की.

इस बीच, तीन-सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज पहुंची, जहां छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी.
समिति में उच्च शिक्षा निदेशक काली प्रसन्ना महापात्रा, आईएएस अधिकारी, विभाग की संयुक्त सचिव मौसमी नायक और स्वायत्त महाविद्यालय की प्रोफेसर झुमकी रथ शामिल हैं.

बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार को एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी. समिति को आत्मदाह के कारणों का पता लगाने, शिक्षा विभाग प्रमुख समीर कुमार साहू के खिलाफ उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने का काम सौंपा गया है.

इस बीच, राज्य सरकार ने कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को निलंबित कर दिया है और साहू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
अस्पताल से बाहर आने के बाद, माझी ने कहा, ”छात्रा की हालत गंभीर है. उसे दिल्ली स्थित एम्स जैसा ही इलाज दिया जा रहा है. उसके इलाज के लिए एक मेडिकल टीम गठित की गई है. छात्रा की हालत स्थिर होने के बाद सरकार उसे एयरलिफ्ट करने पर विचार करेगी.” माझी ने कहा, ”उच्च शिक्षा विभाग समिति की रिपोर्ट उपलब्ध होते ही हम कड़ी कार्रवाई करेंगे.” उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाएगी.

माझी ने अस्पताल में पीड़ित छात्रा के माता-पिता और परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की. इससे पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के एक प्रमुख विश्वविद्यालय के अंदर एक युवा छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश बेहद दुखद है. मैं भगवान जगन्नाथ से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.” इस बीच, कई मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भुवनेश्वर स्थित एम्स पहुंचे और छात्रा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की.

कॉलेज छात्रा के आत्मदाह की कोशिश के मामले में पटनायक ने राज्यपाल से की हस्तक्षेप करने की मांग

ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने बालासोर स्थित एक कॉलेज परिसर में छात्रा द्वारा आत्मदाह के प्रयास को बेहद दुखद बताया और रविवार को राज्यपाल से हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की. बालासोर में फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज के एक शिक्षक द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के कारण 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी.

पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के एक प्रमुख विश्वविद्यालय के अंदर एक युवा छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश बेहद दुखद है. मैं भगवान जगन्नाथ से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.” पटनायक ने कहा कि एक शिक्षक ने कथित तौर पर छात्रा का कई बार यौन उत्पीड़न किया और कई बार यौन संबंध की मांग की.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचार्य को लिखे एक पत्र में छात्रा ने खुलासा किया कि उसने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उसे बचा लिया गया था. पटनायक ने बताया, “पीड़िता महीनों तक डर और पीड़ा में रही. एक जुलाई को, मदद की गुहार लगाते हुए, उसने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत पोस्ट की और कई शीर्ष अधिकारियों को पोस्ट में टैग किया. लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर, उसने अपनी पीड़ा को खत्म करने के अंतिम प्रयास में, प्राचार्य के कक्ष के ठीक बाहर खुद को आग लगा ली.”

पटनायक ने कहा कि यह दुखद घटना इस कठोर वास्तविकता को उजागर करती है कि कैसे कॉलेज के प्राचार्य से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तक से कई बार अपनी शिकायतें व्यक्त करने के बावजूद छात्रा को न्याय से वंचित रखा गया. पटनायक ने कहा, “हमारे उच्च शिक्षा ढांचे में, राज्यपाल एफएम विश्वविद्यालय सहित प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों के

कुलाधिपति के रूप में कार्य करते हैं.” उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मैं माननीय राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वह हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि छात्रा को न्याय मिले, जिसकी वह मांग कर रही थी. एक बार फिर, मैं भगवान जगन्नाथ से फकीर मोहन विश्वविद्यालय की छात्रा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”

कांग्रेस ने यौन उत्पीड़न पीड़िता के आत्मदाह करने को लेकर भाजपा की आलोचना की

कांग्रेस ने ओडिशा के बालासोर जिले में कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर झुब्ध होकर कॉलेज परिसर में खुद को आग लगाने की घटना को ‘राष्ट्रीय त्रासदी’ करार देते हुए रविवार को कहा कि पूरे भारत में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं, खासकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पीड़िता के बजाय आरोपी के साथ खड़े होने की प्रवृत्ति के कारण.

पुलिस ने बताया कि बालासोर जिले के एक कॉलेज की छात्रा ने शनिवार को कथित तौर पर संस्थान परिसर में खुद को आग लगा ली और 90 प्रतिशत तक जल गई है. छात्रा ने एक शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. खुद को आग लगाने वाली छात्रा को बचाने का प्रयास करने के दौरान एक अन्य छात्र भी झुलस गया है और दोनों को जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया.
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि यह एक ”राष्ट्रीय त्रासदी” है कि ओडिशा में एक युवती को अपने कॉलेज के विभागाध्यक्ष द्वारा लगातार यौन उत्पीड़न का सामना करने के बाद खुद को आग लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”उसने अनौपचारिक रूप से प्राचार्य से, औपचारिक रूप से आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) से, और सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मदद की गुहार लगाई. फिर भी, उसकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई.” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भाजपा के एक सांसद ने विभागाध्यक्ष के निलंबन की मांग की थी, लेकिन कॉलेज के प्राचार्य ने उनकी मांग को भी अनसुना कर दिया.

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ”इस तरह, डबल इंजन सरकार को एक क्रूर मजाक कहना सही होगा. क्योंकि यह सत्तारूढ़ पार्टी के किसी स्थानीय सांसद को भी इतना सशक्त नहीं बनाती कि वह इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में किसी कॉलेज के प्राचार्य को कार्रवाई के लिए कह सके.” खेड़ा ने कहा, ”यह संस्थागत उदासीनता है, लेकिन इससे भी अधिक, यह आपराधिक मिलीभगत है. दोषी विभागाध्यक्ष को एक महिला को आत्मदाह के लिए मजबूर करने के लिए कानून का सामना करना चाहिए, लेकिन प्राचार्य और आईसीसी को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए – न केवल लापरवाही के लिए, बल्कि उकसाने के लिए भी.” उन्होंने कहा कि गौर करने की बात है कि पीड़िता भाजपा शासित राज्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पदाधिकारी थी.

ओडिशा: खुद को आग लगाने वाली छात्रा की हालत ‘गंभीर’, डायलिसिस शुरू

ओडिशा के बालासोर जिले में यौन उत्पीड़न की कथित घटना के बाद खुद को आग लगाने वाली 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है और एम्स भुवनेश्वर के चिकित्सकों ने गुर्दा प्रतिरोपण थेरेपी शुरू करने के लिए उसका डायलिसिस आरंभ कर दिया है. बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने कथित तौर पर यौन और मानसिक उत्पीड़न करने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शनिवार को खुद को आग लगा ली थी.

एम्स भुवनेश्वर के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. संजय गिरि ने बताया कि एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों से परामर्श के बाद डायलिसिस शुरू किया गया. डॉ. गिरि ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में परिवार को सूचित कर दिया है. उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी उसकी हृदय गति 180 बीपीएम (बीट प्रति मिनट) है.

एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने रविवार को यहां संवाददाताओं को बताया, “पीड़िता का लगभग 95 प्रतिशत शरीर गंभीर रूप से झुलस गया है. उसके गुर्दे और फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं. वह फिलहाल गहन चिकित्सा सहायता पर है.” महिला को शनिवार को एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था. अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं और पीड़िता की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. बिस्वास ने बताया कि कई विभागों के चिकित्सक छात्रा का इलाज कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि चेहरे पर कुछ जगहों को छोड़कर पूरा शरीर जल गया है. उन्होंने कहा, “फिलहाल हम कुछ नहीं कह सकते.” ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अस्पताल का दौरा किया. माझी ने पत्रकारों को कहा, “छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है. उसका दिल्ली में स्थित एम्स जैसा ही इलाज किया जा रहा है. एक मेडिकल टीम का गठन किया गया है. उसकी हालत स्थिर होने के बाद सरकार उसे ‘एयरलिफ्ट’ करने पर विचार करेगी.” अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बर्न विभाग के चिकित्सकों के अलावा, गहन चिकित्सा, सर्जरी, नेफ्रोलॉजी और पल्मोनोलॉजी के विशेषज्ञ चौबीस घंटे उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

एम्स भुवनेश्वर ने एनेस्थीसिया, पल्मोनरी मेडिसिन, बर्न, नेफ्रोलॉजी और अन्य विभागों के चिकित्सकों की 10 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की है. एक कार्यालय आदेश में कहा गया है, “समिति आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अन्य महत्वपूर्ण विभाग के किसी भी अन्य संकाय सदस्य को इलाज के लिए बुला सकती है.” उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि आत्मदाह के बाद, ओडिशा सरकार ने अपने कर्तव्यों का पालन करने में “विफल” रहे कॉलेज के प्रिंसिपल को शनिवार को निलंबित कर दिया. बालासोर जिला पुलिस ने शनिवार को आरोपी शिक्षिका समीरा कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया.

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