महुआ के निष्कासन की सिफारिश पर ममता ने कहा, 2024 के चुनाव से पहले उन्हें मदद मिलेगी

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ”पैसे लेकर सवाल पूछने” के आरोप पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें संसद से निष्कासित करने की योजना पर काम चल रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ऐसी किसी भी कार्रवाई से कृष्णानगर की सांसद को आगे बढ़ने में मदद ही मिलेगी. लोकसभा से निष्कासन की सिफारिशों का सामना कर रहीं महुआ को समर्थन देने के स्पष्ट संदेश में टीएमसी ने पिछले सप्ताह नादिया जिले में पार्टी के संगठन को मजबूत करने का काम उन्हें सौंपा था.

बनर्जी ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में पार्टी के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ”अब, वे महुआ को (संसद से) निष्कासित करने की योजना बना रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप वह और अधिक लोकप्रिय हो जाएंगी. जो कुछ वह (संसद के) अंदर कहती थीं, अब वह वही बातें बाहर कहेंगी. क्या कोई चुनाव से तीन महीने पहले ऐसा कुछ करेगा? मोइत्रा के खिलाफ ”पैसे लेकर सवाल पूछने” के आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की आचार समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले ”अनैतिक आचरण” के आधार पर उन्हें संसद के निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की है.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क किया था और उन पर उपहार के बदले व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडाणी समूह को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था.
मोइत्रा ने लोकसभा की आचार समिति की निष्कासन संबंधी सिफारिश को खारिज करते हुए इसे ‘एक तथाकथित मनमानी अदालत द्वारा पहले से किया गया फिक्स मैच’ करार दिया और कहा था कि यह भारत में ”लोकतंत्र की मौत” है.

विपक्षी दलों को निशाना बना रहीं केंद्रीय एजेंसियां 2024 के चुनाव के बाद भाजपा के पीछे पड़ेंगी : ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि जो केंद्रीय एजेंसियां वर्तमान में विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बना रही हैं, वे 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा के पीछे पड़ जाएंगी. उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार तीन महीने और चलेगी.

यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि विभिन्न मामलों में उनकी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद, अब सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इस कदम से अंतत? उन्हें चुनाव से पहले मदद ही मिलेगी.

बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा, ”वर्तमान में विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही केंद्रीय एजेंसियां 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा के पीछे पड़ जाएंगी.” उन्होंने कहा, ”केंद्र की यह सरकार तीन महीने और चलेगी.” टीएमसी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार आरक्षण को खत्म करना चाहती है, लेकिन वह इसका विरोध करेंगी.

उन्होंने कहा, ”भाजपा अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण के भी खिलाफ है, लेकिन हम उन्हें ओबीसी कोटा के माध्यम से इस व्यवस्था के तहत लाएंगे.” बनर्जी ने आरोप लगाया कि मेट्रो रेलवे स्टेशनों से लेकर क्रिकेट टीम तक देश का ”भगवाकरण” करने की कोशिशें जोरों पर हैं.

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ”भगवा ‘त्यागियों’ का रंग है, लेकिन आप ‘भोगी’ हैं.” बनर्जी ने दावा किया कि खिलाड़ियों ने विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय क्रिकेट टीम को मैचों के दौरान भगवा जर्सी नहीं पहननी पड़ी. टीएमसी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि अगर क्रिकेट विश्व कप फाइनल अहमदाबाद के बजाय कोलकाता या मुंबई में होता तो भारत जीत जाता.

बनर्जी ने कहा, ”उन्होंने (भारतीय टीम) विश्व कप में सभी मैच जीते, सिवाय उस मैच को छोड़कर जिसमें ‘पापियों’ ने भाग लिया था.” बनर्जी ने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर भी केंद्र पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ”बैंकिंग क्षेत्र में निराशा का माहौल है और सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) बेचे जा रहे हैं. बेरोजगारी दर भी उच्च है.”

बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में गाय की तस्करी के आरोपों को लेकर भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने पूछा, ”बांग्लादेश में तस्करी के लिए गायों को उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से लाया जाता है. वहां पैसा कौन वसूलता है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल तेजी से निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा, ”सभी बड़ी आईटी कंपनी कोलकाता की ‘सिलिकॉन वैली’ परियोजना में निवेश कर रही हैं.”

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