मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने किया विरोध प्रदर्शन

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 19 Jul 2022 10:56 AM
मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने किया विरोध प्रदर्शन

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नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है. मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने संसद परिसर में ​महंगाई के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. विपक्ष सदन में भी महंगाई, मूल्य वृद्धि और ​अग्निपथ योजना जैसे मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को श्रीलंका संकट पर जानकारी देंगे. मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ और 12 अगस्त तक चलेगा.

संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सभी पार्टियों की एक बैठक के दौरान, तमिलनाडु के राजनीतिक दलों द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने मांग की थी कि भारत को अपने पड़ोसी देश श्रीलंका की स्थिति सुधारने में हस्तक्षेप करना चाहिए, जो एक दुर्बल आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. सर्वदलीय बैठक में DMK और AIADMK दोनों ने श्रीलंका की तमिल आबादी को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अन्नाद्रमुक नेता एम थंबीदुरई ने कहा था कि श्रीलंका में संकट के समाधान के लिए भारत को हस्तक्षेप करना चाहिए.

सात दशकों में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा श्रीलंका
इसको लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि सरकार मंगलवार को श्रीलंका की स्थिति पर एक सर्वदलीय बैठक करेगी जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री सीतारमण और जयशंकर करेंगे. श्रीलंका सात दशकों में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. विदेशी मुद्रा भंडार की गंभीर कमी के कारण भोजन, ईंधन और दवाओं सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के आयात में बाधा आ रही है. आर्थिक संकट के कारण श्रीलंकाई सरकार के खिलाफ उपजे जनविद्रोह ने देश में राजनीतिक संकट को भी जन्म दे दिया है. भारत ने श्रीलंका को आश्वासन दिया है कि वह देश में लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का समर्थन करना जारी रखेगा.

By Nandkishoryadav