पाकिस्तान : इमरान खान को उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में स्थानांतरित करने का निर्देश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 25 Sep 2023 08:34 PM
पाकिस्तान : इमरान खान को उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में स्थानांतरित करने का निर्देश

ऑडियो सुनें

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पंजाब प्रांत की अटक जेल से रावलपिंडी शहर में स्थित उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में स्थानांतरित करने का सोमवार को आदेश दिया. मीडिया में आई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.

खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अगस्त में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में याचिका दायर कर खान की समृद्ध पारिवारिक पृष्ठभूमि, सामाजिक और राजनीतिक रूतबे को ध्यान में रखते हुए उन्हें अदियाला जेल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था, जहां ‘ए’ श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध हैं.

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने कहा, ”पीटीआई चेयरमैन को अदियाला जेल में स्थानांतरित करें.” ‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस मामले में अभी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है.

खान की पार्टी ने कहा, “आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश ने पीटीआई चेयरमैन इमरान खान को अटक जेल से रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है.” मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने सुनवाई की अध्यक्षता की, जबकि खान के वकील शेर अफजल मारवत और सरकार की तरफ से अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल मुनव्वर इकबाल ने अदालत में दलीलें पेश कीं.

अदालत के बाहर मारवत ने संवाददाताओं से कहा कि खान को अटक जेल से अदियाला जेल में स्थानांतरित करने के मामले पर उन्हें ”आखिरकार आईएचसी से न्याय मिला.” खान (70) को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पांच अगस्त से अटक जेल में रखा गया है.

आईएचसी ने 29 अगस्त को उनकी सजा निलंबित कर दी थी, लेकिन ‘सिफर’ (गुप्त राजनयिक दस्तावेज) लीक होने के मामले में वह अब भी अटक जेल में हैं. सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत स्थापित एक विशेष अदालत ने 13 सितंबर को ‘सिफर’ मामले में खान की न्यायिक हिरासत 26 सितंबर तक बढ़ा दी थी.

खान को तीन साल जेल की सजा सुनाने वाली इस्लामाबाद की निचली अदालत ने अधिकारियों को उन्हें अदियाला जेल में रखने का निर्देश दिया था. हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें अटक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था.

By Yogesh Kumar Sahu