
मुंबई/अहमदाबाद. शाहरुख खान अभिनीत ‘पठान’ के मंगलवार तक 4.19 लाख टिकट बिके और पहले दिन के लिए सिनेमाघरों की 80 प्रतिशत सीटें भर चुकी हैं. फिल्म जगत के आंतरिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. बुधवार को 5,000 स्क्रीन पर रिलीज होने वाली यह फिल्म, कोविड महामारी और बॉक्स ऑफिस पर कई तरह के झटकों के बाद गंभीर नुकसान से जूझ रहे उद्योग के लिए 2023 की खुशी का संकेत दे सकती है. मल्टीप्लेक्स, सिंगल स्क्रीन थिएटर और दक्षिण भारत में भी टिकटों की बिक्री में उछाल देखा जा रहा है.
फिल्म व्यापार विश्लेषक तरण आदर्श ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 45 करोड़ रुपये से 50 करोड़ रुपये के पहले दिन के संग्रह के साथ एक ऐतिहासिक शुरुआत करने जा रही है. खासतौर पर इसकी एडवांस बुकिंग को देखते हुए बॉक्स ऑफिस पर वापसी ‘पठान’ से शुरू होगी. यह बहुत दुर्लभ है. कल कामकाजी दिन है.’’ मल्टीप्लेक्स चेन आईनॉक्स के चीफ प्रोग्रामिंग अधिकारी राजेंद्र सिंह ज्याला ने बताया, ‘‘यह फिल्म ‘केजीएफ 2’ की एडवांस बुकिंग को तोड़ने जा रही है और 45 करोड़ से 50 करोड़ रुपये का कारोबार करेगी.’’
विहिप ने ‘आपत्तिजनक’ सामग्री हटाए जाने के बाद ‘पठान’ के खिलाफ विरोध वापस लिया
विश्व ंिहदू परिषद (विहिप) की गुजरात इकाई ने रिलीज से एक दिन पहले शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘पठान’ के खिलाफ अपना विरोध मंगलवार को वापस ले लिया और फिल्म से ‘आपत्तिजनक’ सामग्री को हटाने पर संतोष जताया. विहिप की गुजरात इकाई के सचिव अशोक रावल ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म में ‘‘अश्लील गीत’’ और ‘‘भद्दे शब्द’’ को संशोधित किया है, इसलिए दक्षिणपंथी समूह अब इसकी रिलीज का विरोध नहीं करेंगे.
‘बेशरम रंग’ गाने में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को भगवा रंग की बिकिनी में दिखाने के लिए ‘पठान’ को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. विहिप सहित कई संगठनों के नेताओं ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, जो बुधवार को रिलीज होने वाली है.
रावल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में दावा किया कि सेंसर बोर्ड ने अपने हालिया परिपत्र में गाने, रंग और कपड़ों को लेकर 40 से 45 सुधार किए हैं, जिससे मुद्दों का समाधान हो गया, इसलिए अब उन्हें विरोध करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने दावा किया कि यह ंिहदू समुदाय की जीत है.
विहिप नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘‘पठान’ के खिलाफ बजरंग दल के विरोध के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म में अश्लील गीत और भद्दे शब्दों को संशोधित किया है, जो अच्छी खबर है. मैं सभी कार्यकर्ताओं और पूरे ंिहदू समुदाय को बधाई देता हूं, जिन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए यह सफल संघर्ष किया.’’ उन्होंने कहा कि अब यह प्रबुद्ध नागरिकों को तय करना है कि फिल्म देखनी है या नहीं. पूर्व में दक्षिणपंथी समूहों ने गुजरात में फिल्म की रिलीज को रोकने की धमकी दी थी, जबकि राज्य सरकार ने मल्टीप्लेक्स मालिकों के अनुरोध के बाद सिनेमाघरों को पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया था.
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन आॅफ गुजरात के प्रतिनिधियों ने पिछले हफ्ते गांधीनगर में गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से मुलाकात कर उन्हें विभिन्न समूहों से मिली धमकी के बारे में अवगत कराया था. संघवी ने उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया था और फिल्म के सुचारू प्रदर्शन के लिए सिनेमाघरों के बाहर पुलिसर्किमयों को तैनात करने का वादा किया था.



