मोदी, मेलोनी और मेलोडी: कार में सफर, साथ में डिनर फिर गिफ्ट में टॉफी, रोम में दिखी भारत और इटली की खास दोस्ती

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिले खास तोहफे के लिए सोशल मीडिया पर आभार जताया। मेलोनी ने ट्वीट करते हुए लिखा, गिफ्ट के लिए धन्यवाद। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि पीएम मोदी उनके लिए भारत की मशहूर टॉफी मेलोडी लेकर आए। मेलोनी ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी एक बहुत, बहुत अच्छी टॉफी- मेलोडी गिफ्ट में लाए।

डिनर में हुई अहम मुद्दों पर चर्चा
पीएम मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने डिनर के दौरान कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद दोनों नेताओं ने रोम के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित कोलोसियम का भी दौरा किया। इससे पहले मोदी के रोम पहुंचने पर मेलोनी ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए लिखा कि रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त।

इंडो-पैसिफिक से मेडिटेरेनियन तक साझेदारी मजबूत करेंगे भारत-इटली
दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को नई दिशा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। दोनों नेताओं ने कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित संयुक्त लेख में भारत-इटली रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बताया, जिसे उभरते हुए “इंडो-मेडिटेरेनियन” दौर का अहम आधार कहा गया।

इटली एंड इंडिया: ए स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर द इंडो-मेडिटेरेनियन शीर्षक वाले इस लेख में दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता केवल दोस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र और भविष्य के साझा विजन पर आधारित साझेदारी बन चुका है।

लेख में भारत-इटली संबंधों को एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का हिस्सा बताया गया है, जो इंडो-पैसिफिक और मेडिटेरेनियन क्षेत्र को जोड़ते हुए इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है। इसे व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, डेटा और रणनीतिक कनेक्टिविटी का नया नेटवर्क बताया गया।

दोनों नेताओं ने तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच राजनीतिक समन्वय, आर्थिक एकीकरण और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि देश नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन और रणनीतिक संप्रभुता को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाते हैं।

लेख में इटली की औद्योगिक और विनिर्माण विशेषज्ञता को भारत की विशाल अर्थव्यवस्था, इनोवेशन इकोसिस्टम और इंजीनियरिंग क्षमता के साथ जोड़ने की योजना का भी जिक्र किया गया। दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।

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