
हैदराबाद: दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बता दें कि इससे पहले दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और सेशेल्स के बीच कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। ये समझौते दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के रिश्तों और आपसी सहयोग पर बात की। साथ ही राष्ट्रपति हर्मिनी को सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने जाने पर शुभकामनाएं भी दी। पीएम मोदी ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ओर से वह राष्ट्रपति हर्मिनी को सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं।
भारत-सेशेल्स के रिश्ते पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद हर्मिनी की यह पहली भारत यात्रा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता अतीत, वर्तमान और भविष्य तक फैला हुआ है। समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार के रूप में सेशेल्स, भारत की महासागर से जुड़ी सोच का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग जमीन, समुद्र और हवा तीनों क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक खास साल में हो रही है, क्योंकि सेशेल्स अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों को भी 50 वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये ऐतिहासिक मौके दोनों देशों को रिश्तों को और नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है। हिंद महासागर की लहरों ने दोनों देशों के लोगों को सदियों से जोड़ा है। यहां व्यापार फला-फूला, संस्कृतियों का मेल हुआ और आपसी भरोसे की परंपरा मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि इतिहास, विश्वास और भविष्य की साझा सोच से जुड़े हैं।



