
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की. उन्होंने यूक्रेन की अपनी हालिया यात्रा से प्राप्त अनुभवों को साझा किया तथा यूक्रेन के साथ संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई. मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बातचीत में दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की गई.
प्रधानमंत्री ने कहा, ”रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा यूक्रेन की अपनी हालिया यात्रा से प्राप्त अनुभवों को साझा किया. संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई.” मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को अपनी यूक्रेन यात्रा के बारे में जानकारी दी थी तथा बातचीत और कूटनीति के जरिए क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए भारत का पूरा समर्थन जताया था.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मोदी ने पुतिन के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान पिछले महीने 22वें भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी ”रूस की सफल यात्रा” को याद किया. विदेश मंत्रालय ने कहा, ”दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने यूक्रेन की अपनी हालिया यात्रा के अनुभवों को साझा किया. उन्होंने संघर्ष के स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी हितधारकों के बीच संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया.” बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर ”प्रगति की समीक्षा” की तथा भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की.
विदेश मंत्रालय ने कहा, ”उन्होंने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.” साथ ही दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई. मोदी ने 23 अगस्त को कीव की लगभग नौ घंटे की यात्रा की थी. अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ व्यापक वार्ता की थी. उन्होंने जेलेंस्की को भारत आने का निमंत्रण भी दिया. तीन दशक पहले यूक्रेन के स्वतंत्र होने के बाद से भारत के प्रधानमंत्री का यूक्रेन का यह पहला दौरा था.



