कोहरे के कारण पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर तहेरपुर में नहीं उतरा; कोलकाता एयरपोर्ट से वर्चुअल संबोधन

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के तहेरपुर हेलीपैड पर उतरने की कोशिश में असफल रहे। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में घने कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम थी, जिससे पीएम का हेलीकॉप्टर कुछ समय हेलीपैड के ऊपर मंडराने के बाद वापस कोलकाता हवाई अड्डे लौट गया। अब एयरपोर्ट से ही पीएम वर्चुअल संबोधन करेंगे।

बता दें कि आज शनिवार को सुबह पीएम मोदी 10:40 बजे कोलकाता पहुंचे और वहीं से हेलीकॉप्टर के जरिए तहेरपुर का रुख किया। तहेरपुर में उन्हें राज्य में हाईवे परियोजनाओं का शुभारंभ करना था और उसके बाद भाजपा की राजनीतिक रैली परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करना था। अधिकारियों ने कहा इस मौसम बाधा के कारण रैली कार्यक्रम में परिवर्तन की संभावना बनी हुई है।

बंगाल को 3200 करोड़ रुपये की सौगात देंगे पीएम मोदी

अपने बंगाल दौरे पर प्रधानमंत्री करीब 3,200 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह नदिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के बरजागुली-कृष्णानगर सेक्शन के 66.7 किलोमीटर लंबे फोर-लेन का उद्घाटन करेंगे और उत्तर 24 परगना जिले में 17.6 किलोमीटर लंबे बारासात-बरजागुली सेक्शन के फोर-लेन का शिलान्यास करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं से कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक बनने की उम्मीद है, जिससे राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

SIR प्रक्रिया के बीच पीएम मोदी की पहली जनसभा

पीएम मोदी ने बंगाल दौरे से पहले शुक्रवार शाम को एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘पश्चिम बंगाल के लोगों को केंद्र सरकार की कई जन-समर्थक पहलों से फायदा हो रहा है। साथ ही, वे हर क्षेत्र में टीएमसी के कुशासन के कारण पीड़ित हैं।’

प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘टीएमसी की लूट और धमकियों ने सभी हदें पार कर दी हैं। इसीलिए, भाजपा से लोगों को उम्मीद है। प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस एसआईआर का लगातार विरोध कर रही है। टीएमसी का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया ‘जल्दबाजी’ में की जा रही है और इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों, खासकर शरणार्थी हिंदुओं को, उनके मताधिकार से वंचित किया जा सकता है। एसआईआर ड्राफ्ट में पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों में से 58 लाख से ज्यादा नामों को हटाया गया है। इसके बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या घटकर 7.08 करोड़ रह गई है।

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