बेटी को अवैध तरीके से ठेका देने के लिए सक्सेना को बर्खास्त करें प्रधानमंत्री : आप

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने खादी विकास एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईएस) के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और एक खादी लाउंज की आंतरिक साजसज्जा (इंटीरियर डिजाइंिनग) का ठेका अपनी बेटी को दिया था. पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सक्सेना को ‘‘तत्काल’’ बर्खास्त करने की मांग की.

पार्टी ने इसे सक्सेना द्वारा ‘‘नैतिक भ्रष्टाचार’’ का मामला बताया और दावा किया कि अगर उनकी बेटी शिवांगी सक्सेना को ‘इंटीरियर डिजाइंिनग’ का ठेका दिये जाने संबंधी मामले की ‘‘निष्पक्ष और गहन’’ जांच की जाती है, तो इसमें ‘‘एक वित्तीय पहलू’’ भी सामने आएगा.

उपराज्यपाल सचिवालय ने आरोपों से इनकार किया है और कहा कि सक्सेना की बेटी ने मुफ्त में काम किया था. ‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी मांग की कि कानून का उल्लंघन कर अपनी बेटी को कथित तौर पर ठेका देने के लिए सक्सेना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘उपराज्यपाल सक्सेना ने केवीआईसी के अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया तथा मुंबई में एक खादी लाउंज की आंतरिक साजसज्जा का ठेका अपनी बेटी को दिया. ठेका देने में उन्होंने केवाईआईसी कानून, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन किया.’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को दिल्ली के उपराज्यपाल के तौर पर सक्सेना को फौरन बर्खास्त करना चाहिए तथा अपनी बेटी को अवैध तरीके से ठेका देने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

सिंह ने कहा कि ‘आप’ अपने वरिष्ठ वकीलों के साथ विचार-विमर्श कर रही है और मामले में अदालत का रुख करने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के उपराज्यपाल अपने गलत कृत्यों की जवाबदेही से बच नहीं सकते. हम इस मामले में जल्द ही अदालत का रुख करेंगे क्योंकि ठेका देने में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.’’ ‘आप’ नेता ने पूछा, ‘‘केवाईआईसी के अध्यक्ष अपने रिश्तेदार को ठेका कैसे दे सकते हैं?’’ सिंह ने बृहस्पतिवार को ट्विटर पर सक्सेना से पूछा था कि क्या उन्होंने खादी और केवीआईसी के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी बेटी को बिना किसी निविदा के ठेका दिया था.

‘आप’ के सांसद के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट किया था कि सक्सेना ने केवीआईसी के अध्यक्ष के रूप में मुंबई के एक खादी लाउंज का डिजाइन अपने बेटी से मुफ्त बनवाया था, जो एक डिजाइनर है. राजनिवास के स्पष्टीकरण पर सवालों के जवाब में सिंह ने कहा कि केवीआईसी कानून में स्पष्ट रूप से उसके अधिकारियों को अपने परिवार के सदस्यों को कोई ठेका या काम देने पर पाबंदी है.

उन्होंने पूछा, ‘‘यह किस तरह की दलील है? सौरभ भारद्वाज (आप नेता) कम्प्यूटर इंजीनियर है और वह सेंट्रल विस्टा के आईटी का काम मुफ्त में करना चाहते हैं. हमारे प्रवीण देशमुख (आप विधायक) एक एमबीए डिग्री धारक हैं और वह प्रधानमंत्री कार्यालय का कामकाज मुफ्त में देखना चाहते हैं…क्या उन्हें यह काम दिया जाएगा?’’ ‘आप’ सांसद ने कहा कि केवीआईसी को नियमों के अनुसार खादी लाउंज की आंतरिक साजसज्जा का काम देने में उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और अगर वह चाहता है कि काम मुफ्त में किया जाए तो उसे सर्वश्रेष्ठ इंटीरियर डिजाइनर को मौका देने के लिए खुली निविदा आमंत्रित करनी चाहिए थी.’’

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या उचित प्रक्रिया का पालन किया गया? क्या इस काम के लिए इंटीरियर डिजाइनर की निशुल्क सेवा देने के लिए कोई निविदा दी गयी या खुला निमंत्रण दिया गया. क्या देश में सक्सेना की बेटी ही सबसे अच्छी इंटीरियर डिजाइनर हैं?’’ सिंह ने आरोप लगाया कि सक्सेना ने मुंबई खादी लाउंज के इंटीरियर डिजाइंिनग का काम अपनी बेटी से कराया और उनके पेशेवर फायदे के लिए लाउंज की उद्घाटन पट्टिका पर उनका नाम भी लिखवाया.

‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज के साथ-साथ पार्टी के विधायक आतिशी और दुर्गेश पाठक ने भी अलग-अलग संवाददाता सम्मेलन कर सक्सेना को बर्खास्त करने और मामले में उनके खिलाफ जांच की मांग की. पाठक ने कहा, ‘‘यह नैतिक भ्रष्टाचार का मामला है और मुझे विश्वास है कि अगर इसकी निष्पक्ष जांच की जाती है तो कुछ वित्तीय पहलू भी सामने आएंगे.’’ भारद्वाज ने कहा कि सक्सेना को अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच का स्वागत करना चाहिए, जैसा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया था.

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