पीएमओ एक ऐसा ‘उत्प्रेरक एजेंट’ बन गया है, जो व्यवस्था में नयी ऊर्जा का संचार करता है: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 10 Jun 2024 08:52 PM
पीएमओ एक ऐसा ‘उत्प्रेरक एजेंट’ बन गया है, जो व्यवस्था में नयी ऊर्जा का संचार करता है: मोदी
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनका कार्यालय (पीएमओ) एक ऐसा ‘उत्प्रेरक एजेंट’ बन गया है, जो व्यवस्था में नयी ऊर्जा और गतिशीलता का संचार करता है. उन्होंने दावा किया 10 साल पहले यही पीएमओ शक्ति का बड़ा केंद्र हुआ करता था.

प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य ‘राष्ट्र प्रथम’ और उनकी एकमात्र प्रेरणा ‘विकसित भारत’ है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से भी उनकी यही अपेक्षा है. उन्होंने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चौबीसों घंटे काम करने का वादा किया और कहा, ”मेरा हर पल देश के लिए है.” उन्होंने कहा कि पीएमओ सेवा का अधिष्ठान बनना चाहिए और यह जनता का पीएमओ होना चाहिए, न कि मोदी का.

उन्होंने कहा, ”मैं न तो सत्ता के लिए पैदा हुआ हूं और न मैं शक्ति अर्जित करने के लिए सोचता हूं.” मोदी ने कहा कि भारत के 140 करोड़ लोग हमेशा उनके दिमाग में रहते हैं और वह उन्हें भगवान का रूप मानते हैं. पिछले तीन महीने में चुनाव प्रचार का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने एक नए संकल्प के लिए उनकी ताकत, समर्पण और ऊर्जा देखी. उन्होंने कहा, ”यही कारण है कि लोगों ने उन्हें फिर से देश की सेवा करने का अवसर दिया है.” मोदी ने रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने कहा, ”हमने पीएमओ को एक उत्प्रेरक एजेंट के रूप में विकसित करने की कोशिश की है जो नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बने.” उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि जो लोग उनकी टीम का हिस्सा हैं, उनके पास समय या विचारों की कोई कमी नहीं है. मोदी ने कहा, ”पूरे देश को इस टीम पर भरोसा है.” प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उन लोगों को धन्यवाद दिया जो उनकी टीम का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने उन लोगों को भी आमंत्रित किया जो उनकी टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ”जो अगले पांच वर्षों के लिए ‘विकसित भारत’ की यात्रा में शामिल होना चाहते हैं और इसका हिस्सा बनना चाहते हैं और खुद को राष्ट्र निर्माण के लिए सर्मिपत करना चाहते हैं, वह जुड़ सकते हैं.” उन्होंने कहा कि वह देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं और उन्होंने अपनी टीम को पिछले 10 वर्षों में किए गए कार्यों से बेहतर प्रदर्शन कर वैश्विक ‘बेंचमार्क’ को तोड़ने के लिए प्रेरित किया.
मोदी ने कहा, ”हमें देश को उन ऊंचाइयों पर ले जाना है, जिन्हें कोई अन्य राष्ट्र कभी हासिल नहीं कर पाया है.” उन्होंने कहा कि सफलता के लिए विचारों में स्पष्टता, दृढ. विश्वास और कार्य करने का चरित्र जरूरी है.

उन्होंने कहा, ”अगर हमारे पास ये तीन चीजें हैं तो मुझे विश्वास है कि विफलता कहीं आस-पास भी नहीं होगी.” भारत सरकार के कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों के लिए बड़े पैमाने पर श्रेय के हकदार हैं. मोदी ने कहा, ”इन चुनावों ने सरकारी कर्मचारियों के प्रयासों पर मुहर लगा दी है.” उन्होंने टीम को नए विचारों को विकसित करने और किए जा रहे काम के पैमाने को बढ.ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया. प्रधानमंत्री ने अपनी ऊर्जा के रहस्य पर प्रकाश डालते हुए संबोधन का समापन किया और कहा कि एक सफल व्यक्ति वह होता है जो अपने भीतर के छात्र को जीवित रखता है.

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