
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गाजा में “नरसंहार” पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “चुप्पी” से भारत की नैतिक एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इजरायल और ईरान के बीच “संघर्ष विराम” की घोषणा हुई, लेकिन गाजा में अभी तक युद्धविराम नहीं हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के संघर्ष विराम पर सहमत होने की घोषणा की. इजरायल और ईरान के बीच पिछले 12 दिन से युद्ध जारी है. अमेरिका ने भी ईरान के तीन सबसे महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों पर सैन्य हमले किए थे.
रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज.राइल युद्ध के संबंध में युद्धविराम की घोषणा की है. लेकिन गाजा में अभी भी युद्धविराम नहीं हुआ है जहां इजराइली नरसंहार बदस्तूर जारी है.” उन्होंने कहा, “18 महीने से अधिक समय तक फलस्तीनियों पर हावी रही इस आपदा पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी सर्वविदित है और इसने भारत की नैतिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है.”
यात्रा परामर्श पर मोदी सरकार मूकदर्शक, मुद्दे को ट्रंप प्रशासन के समक्ष उठाना चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने भारत की यात्रा करने के संदर्भ में अमेरिका द्वारा अपने नागरिकों को जारी किए गए परामर्श को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले पर सरकार मूकदर्शक बनी हुई है, जबकि उसे यह मुद्दा ट्रंप प्रशासन के समक्ष उठाना चाहिए.
पार्टी की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति की विफलता का नतीजा है कि अमेरिका में पाकिस्तान के सेना प्रमुख को दावत दी जा रही है और भारत के खिलाफ यात्रा परामर्श जारी हो रहा है.
अमेरिका ने भारत की यात्रा करने वाले अपने नागरिकों के लिए पिछले सप्ताह एक परामर्श जारी किया, जिसमें अपराध और बलात्कार की घटनाओं के कारण ”अधिक सावधानी” बरतने का आग्रह किया गया है तथा आतंकवाद के कारण देश के मध्य और पूर्वी भागों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है.
सुप्रिया ने संवाददाताओं से कहा, ”11 साल से नरेन्द्र मोदी जी का अधिकतर ध्यान अपनी छवि बनाने में रहा है. आज जब हमारे देश को विश्व की बड़ी ताकतों, देशों और मित्रों की जरूरत है, तब वह साथ खड़े नजर नहीं आ रहे हैं. हालात ये हैं कि हमारा साथ देने के बजाय अमेरिका परामर्श जारी कर रहा है कि महिलाओं के लिए भारत सुरक्षित नहीं है.” उन्होंने दावा किया, ”11 साल की विदेश नीति का फलसफा यह है कि भारत के लिए परामर्श जारी किया जा रहा है और पाकिस्तान के लिए दावतें सज रही हैं.” सुप्रिया ने कहा, ”भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, हम महात्मा गांधी का देश हैं, फिर भी हमारे लिए अमेरिका ने यात्रा परामर्श जारी किया है, लेकिन पाकिस्तान के लिए ऐसी कोई परामर्श जारी नहीं किया गया.” उनका कहना था कि इतना सब होने के बावजूद मोदी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है.
उन्होंने दावा किया, ”भारत के इतिहास में विदेश नीति की कलई इससे ज्यादा कभी नहीं खुली है. हम विश्वगुरु होने का दंभ भरते हैं, लेकिन वैश्विक पटल पर भारत की फजीहत करने का अमेरिका एक भी मौका नहीं छोड़ रहा है.” सुप्रिया ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति इतनी विफल है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिनको गले लगाया, जिनका प्रचार किया, वही ट्रंप भारत के खिलाफ यात्रा परामर्श जारी कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”कहने को तो ‘उनकी नसों में गर्म सिंदूर बह रहा है’, लेकिन ट्रंप का नाम सुनते ही वह खामोश हो जाते हैं.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”भारत सरकार यात्रा परामर्श के मुद्दे को अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाए और इस बारे में उससे बात करे.”



