गाजा की त्रासदी पर प्रधानमंत्री की ‘चुप्पी’ शर्मनाक है: कांग्रेस

गाजा पर इजराइल के हमले में 30 लोगों की मौत: स्वास्थ्य अधिकारी

नयी दिल्ली/दीर अल-बलाह. कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि गाजा में ”नरसंहार” पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ”चुप्पी” न सिर्फ निराशाजनक और शर्मनाक है, बल्कि उन आदर्शों के भी खिलाफ है, जिनके लिए भारत हमेशा खड़ा रहा है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि भारत सरकार ऐसा कोई भी बयान देना या कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी की ”दोस्ती” पर असर पड़े.

कांग्रेस के आरोपों पर फिलहाल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इजराइल और हमास के बीच 21 महीने से जारी युद्ध में अब तक 58 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और इस युद्ध को रोकने तथा कुछ इजराइली बंधकों को रिहा कराने के लिए जारी बातचीत में कोई सफलता मिलती नहीं दिख रही. इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ समझौते पर चर्चा करने के लिए वाशिंगटन में थे, लेकिन युद्धविराम के दौरान इजराइली सैनिकों की तैनाती को लेकर एक नया पेंच सामने आया है, जिससे नए समझौते की व्यवहार्यता पर सवाल उठ रहे हैं.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”ग.ाज.ा में इजराइल द्वारा किया जा रहा जनसंहार अब भी थमा नहीं है, बल्कि यह पहले से भी ज्यादा भयावह और क्रूर होता जा रहा है. खुद इजराइल के अंदर से भी कई आवाजें इसके खिलाफ उठ रही हैं. हाल ही में इजराइल के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने भी इस पर गंभीर चिंता जताई है.” उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार इस त्रासदी पर पूरी तरह चुप है. रमेश ने आरोप लगाया, ”सरकार ऐसा कोई भी बयान या कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे नेतन्याहू और मोदी की दोस्ती पर असर पड़े. प्रधानमंत्री की यह चुप्पी न सिर्फ निराशाजनक और शर्मनाक है, बल्कि उन आदर्शों के भी खिलाफ है, जिनके लिए भारत हमेशा खड़ा रहा है.”

गाजा पर इजराइल के हमले में 30 लोगों की मौत: स्वास्थ्य अधिकारी

गाजा पट्टी पर सोमवार को इजराइली हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए. स्थानीय अस्पतालों ने यह जानकारी दी. इस बीच, इजराइली सेना ने कहा कि उसने पिछले महीने हमास के एक बड़े आतंकवादी को मार गिराया, जिसने अपने घर में एक  व्यक्ति को बंधक बना रखा था. हमास द्वारा सात अक्टूबर को किए गए हमले से शुरू हुआ ये युद्ध 21 महीने से जारी है. पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच दो दिनों की वार्ता के बाद भी युद्ध रोकने पर सहमति नहीं बन सकी.

युद्ध विराम और बंधकों को रिहा किए जाने पर बातचीत में कोई सफलता मिलती नहीं दिखाई दे रही है. खान यूनिस स्थित नासेर अस्पताल के अनुसार, दक्षिणी गाजा में हुए हमलों में 12 लोग मारे गए. ये शव नासेर अस्पताल में ही हैं. गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया के अनुसार, उत्तरीय क्षेत्र में हुए हमलों के बाद उनके अस्पताल में 12 शव लाए गए, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं.

मध्य गाजा स्थित अल-अवदा अस्पताल ने बताया कि नुसेरात शरणार्थी शिविर पर हुए हमलों में छह लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए. इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल उग्रवादियों को निशाना बनाती है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचने की कोशिश करती है.

सेना ने कहा कि 19 जून को हुए हमले में मोहम्मद नस्र अली कुनैता मारा गया, जिसने सात अक्टूबर के हमले में हिस्सा लिया था और युद्ध की शुरुआत में इज.राइली-ब्रिटिश नागरिक एमिली दमारी को उसके घर में बंधक बना लिया था. हालांकि हमास की ओर से इस पर कोई टिप्पणी या स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई. हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों द्वारा सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर किए गए हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर आम नागरिक थे. जबकि इस दौरान 251 लोगों का अपहरण कर लिया गया था.

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