
नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओडिशा पुलिस राज्य में रूस के दो नागरिकों की मौत के मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी में कुछ नहीं कह सकते. इस घटना के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें इस घटना की जानकारी है . मैं समझता हूं कि ओडिशा पुलिस कानून के अनुरूप इस मामले की जांच कर रही है.’’
उन्होंने कहा कि इस बिन्दू से आगे वह कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि ओडिशा पुलिस मामले को देख रही है और जांच कर रही है. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. हमें देखना होगा कि ब्यौरा क्या है . यह पुलिस का मामला है और मैं जल्दबाजी में कुछ नहीं कहना चाहता.’’
भारतीय उच्चायोग पर हमले की आशंका के खिलाफ मालदीव ने त्वरित कार्रवाई की
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि माले में भारतीय उच्चायोग पर हमले की आशंका के खिलाफ मालदीव की सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और सभी तरह के एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने संवाददाताओं से कहा कि मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की पार्टी से जुड़े एक विपक्षी नेता के 23 दिसंबर के ट्वीट में माले स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले की अपील किये जाने के बाद सभी तरह के एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं.
पूर्व में मालदीव की सरकार में आधिकारिक पद संभालने वाले अब्बास आदिल रीजा ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया था कि आठ फरवरी 2012 को भारत के आदेश पर अड्डू शहर पर हमला एवं आगजनी हुई थी. इसी की पृष्ठभूमि में रीजा ने माले में भी भारतीय उच्चायोग पर हमला और आगजनी करने की अपील की थी.
मालदीव की सरकार ने इस धमकी से जुड़े मामले की जांच शुरू कर दी है. इस बारे में बागची ने कहा, ‘‘आपने मालदीव सरकार के बयान को देखा होगा, साथ ही वहां के विभिन्न दलों द्वारा इसकी निंदा किये जाने की बात भी देखी होगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा है कि वहां की सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है तथा भारतीय उच्चायोग वहां की सरकार के सम्पर्क में है.’’
पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एवं कुशलता का ध्यान रखना चाहिए और इसका निर्वाह करना उसकी जिम्मेदारी है. मंत्रालय का यह बयान पाकिस्तान में एक हिन्दू महिला का कथित तौर पर सिर काट देने की घटना की पृष्ठभूमि में आया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने संवाददाताओं को बताया कि इस घटना के बारे में उनके पास विशिष्ठ जानकारी नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, हम पहले भी कह चुके हैं कि पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों का ध्यान रखना चाहिए और उनकी सुरक्षा एवं कुशलता की जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए. मैं इस पर फिर से जोर देना चाहूंगा .’’ प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि वह किसी एक मामले में टिप्पणी नहीं कर सकते. गौरतलब है कि पाकिस्तान के सिंझोरो शहर में एक हिन्दू महिला की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी . खबरों के अनुसार, उक्त 40 वर्षीय महिला का सिर काट दिया गया था.
भारत, नेपाल में नयी सरकार के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत, नेपाल में नयी सरकार के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है जिसके साथ उसके गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंध रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुष्प कमल दहल को बधाई दी. नेपाल के प्रधानमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह भारत के साथ गहरे रिश्ते चाहते हैं. उन्होंने नैर्सिगक करीबी की बात भी की.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों देशों के बीच अद्वितीय द्विपक्षीय संबंध हैं . हम इसे और बढ़ाने के लिये नेपाल की नयी सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. हम नेपाल की नयी सरकार के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं.’’ ज्ञात हो कि पुष्प कमल दहल ”प्रचंड” (68) ने आश्चर्यजनक रूप से शेर बहादुर देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले पांच दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होकर रविवार को राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले सरकार गठन का दावा पेश किया था, जिसके बाद राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया.
प्रचंड ने सोमवार को तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ट्वीट कर प्रचंड को शुभकामनाएं दी थी. मोदी ने कहा था, ‘‘प्रचंड के नेपाल का प्रधानमंत्री निर्वाचित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई. भारत और नेपाल के अद्वितीय संबंध गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और जनता से जनता के बीच गर्मजोशी भरे संबंधों पर आधारित हैं. मैं इस दोस्ती को और आगे बढ़ाने के लिए आप के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं.’’
दलाई लामा की यात्रा के बीच बोधगया में सुरक्षा एलर्ट; विदेश मंत्रालय का टिप्पणी से इंकार
बिहार के बोधगया में तिब्बती अध्यात्मिक नेता दलाई लामा को कथित तौर पर चीन की एक महिला से खतरा होने के एलर्ट के बाद सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को इस घटना को ‘सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा’ बताया और इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.
इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा प्रतीत होता है, इसके बारे में मुझे अधिक जानकारी नहीं है. मैं नहीं समझता कि सुरक्षा से जुड़े आयामों पर बात करने का यह सही मंच है.’’ उन्होंने कहा कि सरकार का सम्पर्क अधिकारी वहां है लेकिन सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर वह कुछ नहीं कह सकते.
गौरतलब है कि बिहार के बोधगया में तिब्बती अध्यात्मिक नेता दलाई लामा की यात्रा के बीच चीन की एक महिला की तलाश में जुटी पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह सुरक्षा ‘अलर्ट’ जारी किया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने चीन की महिला सोंग शियाओलन का ‘स्केच’ जारी किया है. पुलिस ने मीडिया के साथ महिला के पासपोर्ट और वीजा का विवरण भी साझा किया. हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस महिला की तलाश क्यों कर रही है. अधिकारी के मुताबिक, महाबोधि मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं की भी तलाशी ली जा रही है.



