राजनीति कभी-कभी राष्ट्रवाद पर हावी हो जाती है : धनखड़

नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को आगाह किया कि कभी-कभी राजनीति राष्ट्रवाद और सुरक्षा जैसे विषयों पर ”बहुत हावी” हो जाती है, जिससे राजनीतिक वर्ग को बचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने ”हमारी सोच को व्यापक रूप से बदल दिया है” और भारतीय अब ”पहले से कहीं अधिक राष्ट्रवादी हैं.” धनखड़ ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के मुद्दों पर आम सहमति के साथ काम करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि यह उन (सर्वदलीय) प्रतिनिधिमंडलों में विभिन्न राजनीतिक दलों की भागीदारी से प्रतिबिंबित होता है जो ”हमारे शांति के संदेश और आतंकवाद के प्रति नयी दिल्ली के रुख” से अवगत कराने के लिए विभिन्न देशों के दौरे पर गए हैं. उपराष्ट्रपति ने यहां राज्यसभा प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा, ”हाल की घटनाओं को देखते हुए… हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. हमारे पास एकजुट रहने और मजबूत होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है… संस्थाओं की तरह, यहां तक ??कि राजनीतिक दलों का भी राष्ट्रीय हित के प्रति नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि अंतत? सभी संस्थाएं — विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका — का केंद्र बिंदु राष्ट्रीय विकास, राष्ट्रीय कल्याण, जन कल्याण है.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रगति जैसे विषयों पर सभी दलों को राष्ट्रहित को अपने राजनीतिक हितों से ऊपर रखना चाहिए.

धनखड़ ने कहा, ”मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि वे गंभीरता से विचार करें और इस निष्कर्ष पर पहुंचें कि राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास, हमारी आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर आम सहमति होनी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”कभी-कभी राजनीति राष्ट्रवाद और सुरक्षा जैसे विषयों पर बहुत हावी हो जाती है. हमें इससे बचने की जरूरत है.”

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